बिजली के खंभे में बांधकर पंचायत प्रतिनिधि की पिटाई
संवाददाता/in24 न्यूज़.
सुशासन बाबू के राज में अपराध कम होने का दावा कितना खोखला है इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक पंचायत के विर्वाचित प्रतिनिधि को खंभे से बांधकर पिटाई की गई है। बता दें कि बिहार के भोजपुर जिले से एक शर्मनाक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दिख रहा है कि एक पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधि को बिजली के खंभे में बांध दिया गया है। दावा किया जा रहा है कि वार्ड सदस्य को खंभे में बांधकर पीटा गया है। वीडियो में वार्ड सदस्य की पत्नी और बच्चा उन्हें मुक्त कराने की गुहार लगाते दिख रहे हैं, लेकिन इसका वहां मौजूद भीड़ पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। यह पूरा मामला आरा शहर से सटे अजीमाबाद थाना क्षेत्र के बड़गांव का है। पीड़ित वार्ड सदस्य का नाम चंद्रशेखर सिंह बताया जा रहा है। पीड़ित परिवार ने इसकी शिकायत अजीमाबाद थाने से लेकर एसपी से की है। घटना 18 मार्च की बताई जा रही है। वायरल वीडियो में मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी भी दिखाई दे रहे हैं, लेकिन वे चंद्रशेखर को छुड़ाने की बजाय मूकदर्शक बनकर पूरे मामले को देखते नजर आ रहे हैं। पीड़ित की पत्नी ने आरोप लगाया है कि पिटाई के बाद उल्टे उसके पति को ही गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई। इस घटना को चुनावी रंजिश से भी जोड़कर देखा जा रहा है। जानकारी अनुसार पूर्व में सात मार्च को भी दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। तब इसकी एफआईआर भी कराई गई थी। उस वक्त भी पुलिस पर आरोप लगा था कि उसने एकतरफा कार्रवाई कर चंद्रशेखर के भाई को ही गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को पीड़ित की पत्नी ने एसपी से मिलकर गुहार लगाई है। पूजा ने बताया कि मेरेे पति को दबंगों ने गांव के बीच बिजली के पोल में बांधकर पीटा.है। उसका वीडियो भी लेकर शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि पुलिस विरोधियों से मिलीभगत कर पति को जेल भेजा है। बताया जाता है कि जिस शख्स को बिजली के पोल में बांधा गया है वह बड़गांव में वार्ड-13 का सदस्य हैं। इधर, पत्नी पूजा देवी का आरोप है कि 18 मार्च की सुबह उसके घर पर पट्टीदार कमल कृष्ण सिंह के तीनों पुत्र कमल नयन सिंह, अमित और अविनाश गाली-गलौज करते हुए मेरे घुस आए और उसके साथ दुर्व्यवहार करने लगे।हथियार दिखाते हुए हत्या की धमकी देने लगे। हालांकि इस दौरान उसके पति के बारे में पूछा। पत्नी ने डर से कह दिया कि बाहर गए हैं। इसी दौरान उसके पति आ गए। उन्हें देखते ही इन तीनों ने फायरिंग की और अविनाश ने दौड़कर उसके पति को पकड़ लिया। इसके बाद उनलोगों ने बिजली के खंभे में बांधकर राइफल के बट और लाठी-डंडे से मारने लगे। जिससे वे बेहोश हो गए। बाद में थानाध्यक्ष को फोन किया गया। फ़िलहाल मामले की जाँच में पुलिस जुट गई है।