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केरल में 3 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट, सभी स्कूल-कॉलेज बंद

02 Aug, 2026 65

केरल में एक बार फिर मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग आईएमडी ने 2 से 4 अगस्त तक राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। अलप्पुझा जिले में 3 अगस्त के लिए 'रेड अलर्ट' और 4 अगस्त के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। लगातार बारिश और पूर्वी इलाकों से आने वाले बाढ़ के पानी के कारण अलप्पुझा जिले में राहत शिविर खोले गए हैं। जिला कलेक्टर ने बुधवार को जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों, प्रोफेशनल कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी है।

मंगलवार शाम तक जिले में 18 परिवारों के 85 लोग 7 राहत शिविरों में शिफ्ट किए जा चुके थे। इनमें 6 शिविर चेंगन्नूर में और 1 कुट्टनाड में बनाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर और शिविर खोले जाएंगे। कुट्टनाड और अपर कुट्टनाड के निचले इलाकों में पानी भर गया है। क्षेत्र की प्रमुख नदियों पम्पा और मणिमाला का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। शाम को कावलम में नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया। पल्लेटुरु थी और नेदुमुडी में भी जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर बना हुआ है।

जिले में बारिश के कारण 10 घरों को नुकसान पहुंचा है। अनुमानित नुकसान 9.67 लाख रुपये आंका गया है। अंबालाप्पुझा तालुक में 4, कुट्टनाड में 3, चेरथला में 2 और मावेलिकारा में 1 घर क्षतिग्रस्त हुआ है। कृषि मंत्री पी. प्रसाद की अध्यक्षता में बैठक हुई। उन्होंने अधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के निर्देश दिए। जिले भर में 420 इमारतों को जरूरत पड़ने पर राहत शिविर के रूप में इस्तेमाल करने के लिए चिन्हित किया गया है।

आईएमडी ने 2 अगस्त को केरल के 10 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है: अलप्पुझा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड और कन्नूर। तिरुवनंतपुरम, कोल्लम और पथानामथिट्टा में ऑरेंज अलर्ट है। 3 अगस्त को 11 जिलों और 4 अगस्त को 9 जिलों में रेड अलर्ट रहेगा। IMD के अनुसार 2 से 4 अगस्त तक केरल में कुछ जगहों पर 7-11 सेमी से लेकर 20 सेमी से ज्यादा बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा देखते हुए रात में यात्रा पर प्रतिबंध लगाया गया है।

केरल में 2018 और 2019 में भी बाढ़ से भारी तबाही हुई थी। 2018 में 500 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। पिछले बाढ़ में 3.14 लाख लोग 2094 राहत शिविरों में शिफ्ट हुए थे। मलप्पुरम, वायनाड और कोझिकोड सबसे ज्यादा प्रभावित जिले थे। स्वास्थ्य विभाग को राहत शिविरों में चिकन पॉक्स और पानी से होने वाली बीमारियों का भी डर है। अलावा के एक शिविर में 3 लोगों को चिकन पॉक्स के कारण अलग रखा गया था। 

केरल सरकार ने एनडीआरएफ, सेना, नौसेना और वायुसेना को अलर्ट पर रखा है। बचाव दल नावों और हेलीकॉप्टरों के साथ तैयार हैं। चेंगन्नूर में पम्पा नदी के किनारे करीब 5000 लोगों के फंसे होने की आशंका है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि राज्य में खाने-पीने की चीजों की कोई कमी नहीं है। केंद्र सरकार से भी मदद मांगी गई है। पीएम राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।

पम्पा, मणिमाला के अलावा कबीनी नदी पर बना बाणासुर सागर बांध का एक शटर भी खोला गया था। इडुक्की बांध में अभी 30% पानी है, जो पिछले साल की तुलना में कम है। लेकिन लगातार बारिश से सभी 80 बांधों पर नजर रखी जा रही है। आईएमडी के अनुसार 26-28 अगस्त को भी उत्तरी और मध्य केरल में भारी बारिश हो सकती है। त्रिशूर, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड में येलो अलर्ट रहेगा। 

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