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संसद में राहुल गांधी के भाषण पर बवाल, गृह मंत्री अमित शाह पर लगाया गंभीर आरोप

29 Jul, 2026 15

संसद के मॉनसून सत्र के दौरान बुधवार, 29 जुलाई को लोकसभा में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि अमित शाह ने खुद छात्रों पर गोली चलाने और बल प्रयोग करने का आदेश दिया था। राहुल गांधी के बयान के बाद सत्ताधारी और विपक्षी दलों के बीच तीखी बहस हुई और सदन में भारी हंगामा हुआ।

सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित अनुशासन) संशोधन विधेयक पर लोकसभा में चल रही बहस के दौरान राहुल गांधी बोल रहे थे। उन्होंने जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया, बल प्रयोग के आदेश केवल प्रधानमंत्री या गृह मंत्री ही दे सकते हैं। इसलिए, छात्रों पर फायरिंग, पेलेट गन के इस्तेमाल और सख्त कार्रवाई के लिए अमित शाह जिम्मेदार हैं। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था की भी आलोचना की और दावा किया कि छात्रों के साथ अन्याय हुआ है।

राहुल गांधी के आरोपों के बाद सत्ताधारी भाजपा के सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी के आरोप पूरी तरह निराधार हैं और उन्होंने सदन को गुमराह किया है। उन्होंने तत्काल माफी की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि बिना सबूत के इस तरह के गंभीर आरोप लगाना अनुचित है।

हंगामा बढ़ने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से शांति बनाए रखने की अपील की। ​​प्रश्नकाल के सुचारू संचालन की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष को हर मुद्दे पर बोलने का मौका दिया जाएगा, लेकिन सदन का कामकाज जारी रहना चाहिए। हालांकि, सत्ताधारी और विपक्षी सदस्यों के बीच नारेबाजी जारी रही, जिससे कुछ समय के लिए कार्यवाही बाधित हुई।

इस बीच, विपक्ष जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा बल प्रयोग को लेकर लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है। राहुल गांधी ने इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर इस कार्रवाई के लिए जवाबदेही की मांग की थी। बुधवार को उन्होंने लोकसभा में फिर से यही मुद्दा उठाया और सीधे सरकार पर हमला किया।

दूसरी ओर, ऐसी खबरें हैं कि दिल्ली पुलिस छात्र प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग और प्लास्टिक की गोलियों के इस्तेमाल के कथित आदेशों से संबंधित कुछ रिकॉर्ड की जांच कर रही है। हालांकि, इस मामले में विभिन्न दावों का आधिकारिक सत्यापन अभी जारी है और कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला है।

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