Breaking News

अब लाखों लोगों को रोज़गार मिलेगा : पीएम मोदी

18 Jun, 2020 746
संवाददाता/in24 न्यूज़.   

कोयला ब्लॉक की नीलामी की लॉन्चिंग पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अब लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेन्स के जरिए आज 41 कोयला ब्लॉक की नीलामी के लिए प्रक्रिया की शुरुआत की। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि भारत कोरोना से लड़ेगा भी और आगे भी बढ़ेगा। आपदा कितनी ही बड़ी क्यों न हो, भारत उसे अवसर में बदलने के लिए कृत-संकल्पित है। भारत इस बड़ी आपदा को अवसर में बदलेगा। कोरोना के इस संकट ने भारत को आत्मनिर्भर भारत होने का सबक दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत यानि भारत आयात पर अपनी निर्भरता कम करेगा। आत्मनिर्भर भारत यानि भारत आयात पर खर्च होने वाली लाखों करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा बचाएगा। आत्मनिर्भर भारत यानि भारत को आयात न करना पड़े, इसके लिए वो अपने ही देश में साधन और संसाधन विकसित करेगा।
उन्होंने कहा कि आज एनर्जी सेक्टर में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। महीने भर के भीतर ही, हर घोषणा, हर रिफॉर्म्स, चाहे वो कृषि सेक्टर में हो, चाहे सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्योग के सेक्टर में हो या फिर अब कोल और खनन के सेक्टर में हो, तेजी से जमीन पर उतर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि जो देश कोल रिज़र्व के हिसाब से दुनिया का चौथा सबसे बड़ा देश हो, जो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक हो, वो देश कोल का एक्सपोर्ट नहीं करता बल्कि वो देश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कोल इम्पोर्टर है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये दिखाता है कि भारत इस आपदा को अवसर में बदलने के लिए कितना गंभीर है। आज हम सिर्फ निजी क्षेत्रों के लिए कोल ब्लॉक के लिए नीलामी की शुरुआत नहीं कर रहे हैं, बल्कि कोल सेक्टर को दशकों के लॉकडाउन से भी बाहर निकाल रहे हैं। ये खदान 22.5 करोड़ टन उत्पादन की क्षमता रखते हैं। इसके आधार पर सरकार का कहना है कि ये खदान देश में 2025-26 तक अनुमानित कुल कोयला उत्पादन में करीब 15 प्रतिशत का योगदान देंगे। इससे सीधे एवं परोक्ष रूप से 2.8 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इसमें सीधे तौर पर करीब 70,000 लोगों को रोजगाार मिलने की उम्मीद है। वहीं, कोयला मंत्रालय ने कहा कि इन कोयला ब्लॉक की कॉमर्शियल खनन में अगले 5 से 7 साल में करीब 33,000 करोड़ रुपए का निवेश अनुमानित है। ये ब्लॉक राज्य सरकारों को सालाना 20,000 करोड़ रुपए का राजस्व देंगे। खनन क्षेत्र बिजली, इस्पात, एल्युमीनियम, स्पांजी आयर जैसे कई बुनियादी उद्योगों के लिए कच्चे माल का मुख्य स्रोत है।

अन्य खबरे