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दादा के घर हेलीकॉप्टर से पहुंची नवजात पोती

24 Apr, 2021 1084

संवाददाता/in24 न्यूज़.
आज कई बार बेटी के पैदा होने के बाद खुशियां नहीं मनाई जाती वहीं राजस्थान के नागौर जिले में कुचेरा इलाके का गांव निम्बड़ी चांदावता और हरसोलाव बेटी के जन्म की अनूठी खुशी के साक्षी बने हैं, क्योंकि परिवार में 35 साल बाद बेटी का जन्म होने के कारण किसान दादा ने अपनी नवजात पोती के लिए हेलीकॉप्टर बुक करवाया, जिसमें सवार होकर नवजात पोती अपने ननिहाल हरसोलाव से पहली बार दादा के घर गांव निम्बड़ी चांदावता पहुंची। राजस्थान में संभवतया यह पहला मामला है जब कोई बच्ची पैदा होने के बाद हेलीकॉप्टर में बैठकर अपने घर में पहला कदम रखने आई हो। यह परिवार नागौर जिले के गांव निम्बड़ी चांदावता के मदनलाल प्रजापत है। मदनलाल किसान हैं। पोती के जन्म की इस कदर जश्न मनाने की वजह से मदन लाल की हर जगह तारीफ हो रही है। दरअसल, परिवार में 35 साल बाद बेटी के जन्म की खुशी यह परिवार अनूठे अंदाज में मनाने की तैयारियों में जुटा है। यह बेटी हेलीकॉप्टर में बैठकर अपने ननिहाल से दादा के घर आई। निजी खेत में हेलीकॉप्टर उतारने के लिए बच्ची के दादा मदनलाल पुत्र कुम्हार ने नागौर जिला कलेक्टर से अनुमति मांगी थी। मदनलाल के बेटे हनुमान प्रजापत ने बताया कि आज उनके लिए कभी नहीं भूल सकने वाला दिन है। बता दें कि हनुमान प्रजापत की पत्नी चुका देवी ने तीन मार्च को बेटी को जन्म दिया था। किसान हनुमान प्रजापत के अनुसार उनके परिवार की आय का जरिया खेती है। 80 बीघा जमीन पर खेती की जा रही है। घर में बहन के जन्म के 35 साल बाद बेटी जन्मी तो दादा मदन लाल प्रजापत और दादी मुन्नीदेवी ने तय किया कि वे अपनी पोती को हेलीकॉप्टर में बैठाकर घर लाएंगे। इसके लिए पांच-सात दिन पहले ही मदनलाल प्रजापत ने मैथी, जीरा और सरसों की फसल बेचकर चार लाख रुपए जुटाए। इन्हीं रुपयों से जयपुर से पोती के लिए हेलीकॉप्टर बुक करवाया था। बुधवार सुबह जब गांव निम्बड़ी चांदावता से उड़ान भरे हेलीकॉप्टर में उसके पिता हनुमानराम के साथ फूफा अर्जुन प्रजापत, हनुमान राम के चचेरे भाई प्रेम और राजूराम सवार थे। वापसी में बच्ची रिया और उसकी मां चुका देवी भी सवार होकर आई। बच्ची के स्वागत के लिए हेलीपेड से घर तक के करीब 400 मीटर के रास्ते को फूलों से सजाया गया। बैंड बाजे की भी व्यवस्था की गई। हनुमान राम प्रजापज के अनुसार बेटी 21 अप्रैल को पहली बार घर आई। इसकी दो वजह है। एक तो यह कि उस दिन दुर्गा नवमी थी, जो महिला शक्ति की प्रतीक है। दूसरी वजह यह थी कि 27 अप्रैल को चचेरे भाई नवरत्न की शादी थी। इसलिए पत्नी और बेटी शादी पर भी आई। बता दें कि हनुमान राम और चुका देवी की शादी मई 2020 को हुई थी। फिलहाल इस पूरे इलाके में इस मामले की जमकर चर्चा हो रही है।

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