आज किसान रेल को हरी झंडी दिखाएंगे पीएम मोदी
संवाददाता/in24 न्यूज़.
एक तरफ किसान आंदोलन जारी है तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आज शाम साढ़े चार बजे महाराष्ट्र के संगोला से पश्चिम बंगाल के शालीमार तक 100वीं किसान रेल को हरी झंडी दिखाएंगे. केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पीयूष गोयल भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे. मल्टी-कमोडिटी ट्रेन सेवा में फूलगोभी, शिमला मिर्च, पत्तागोभी, ड्रमस्टिक, मिर्च, प्याज जैसी सब्जियां होंगी. साथ ही अंगूर, संतरा, अनार, केला, कस्टर्ड सेब, नाशपाती इत्यादि वस्तुओं की अनलोडिंग की अनुमति होगी. इस साल 7 अगस्त को महाराष्ट्र के देवलाली से बिहार के दानापुर तक पहली किसान रेल शुरू की गई थी, जिसे मुज़फ़्फ़रपुर तक बढ़ा दिया गया था. पीएमओ ने कहा केंद्र ने फलों और सब्जियों की ढुलाई पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी है. पीएमओ ने कहा कि किसानों की तरफ से अच्छी प्रतिक्रिया के बाद इसके फेरे साप्ताहिक सेवा से बढ़ाकर एक सप्ताह में तीन बार कर दिया गया था. प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि कृषि उत्पादों को पूरे देश में तेजी से पहुंचाने के लिए किसान रेल क्रांतिकारी साबित हुई है. ये खराब हो सकने वाले उत्पाद के लिए निर्बाध आपूर्ति श्रृंखला प्रदान करती है. भारतीय रेलवे ने किसानों की उपज को देश की बड़ी मंडियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से 2020 के बजट में किसान रेल चलाने का ऐलान किया था. इधर दिल्ली की सीमा पर किसान तीन कृषि कानूनों के खिलाफ डटे हुए हैं. रविवार को बीजेपी नेता महेश शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार ने हमेशा कहा है कि एमएसपी हमेशा रहेगा, मंडियां हमेशा रहेंगी, कांट्रैक्ट फार्मिंग में किसी भी किसान की ज़मीन पर व्यापारी का मालिकाना हक़ नहीं होगा. कुछ लोग पंजाब के लोगों को बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं, मुझे उम्मीद है उनका संदेह 29 तारीख को दूर हो जाएगा. दिल्ली केसीएम केजरीवाल ने कहा कि ये तीन क़ानून (नए कृषि क़ानून) लेकर आए हैं, इन तीनों क़ानूनों के जरिए अब ये इनकी खेती भी छीनना चाहते हैं. उनकी खेती भी उठाकर अपने 2-3 बड़े-बड़े पूंजीपति दोस्तों को देना चाहते हैं. अगर किसान की खेती भी चली गई तो किसान कहां जाएगा। बता दें कि सरकार ने किसानों के सन्दर्भ में बार-बार अपना रुख स्पष्ट किया है, बावजूद इसपर बाकि पार्टियां लगातार सियासत कर रही हैं.