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आतंकियों की मदद करनेवाले पांच सरकारी कर्मचारियों की नौकरी गई

15 Oct, 2022 477

संवाददाता/in24 न्यूज़.
आतंकवाद के मुद्दे पर जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में लगातार प्रशासन की सख्ती बरक़रार है. आतंकियों से रिश्ते रखने के आरोपियों की धर- पकड़ जारी है. वहीं, अब प्रशासन ने सरकारी महकमों के अंदर आतंकियों का सहयोग करने वालों की तलाश कर उनके खिलाफ एक्शन भी शुरू कर दिया है. जम्मू कश्मीर के पांच सरकारी कर्मचारियों पर गाज गिरी है. केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के प्रशासन ने पांच सरकारी कर्मचारियों को आतंकियों के साथ संबंध, नार्को-टेरर सिंडिकेट चलाने और आतंकी हमलों को अंजाम देने में प्रतिबंधित संगठनों की सहायता करने के आरोप में सेवा से बर्खास्त कर दिया है. जम्मू कश्मीर प्रशासन ने जिन पांच कर्मचारियों को बर्खास्त किया है, उनमें पुलिसकर्मी तनवीर सलीम डार, अफाक अहमद वानी, इफ्तिखार अंद्राबी, इरशाद अहमद खान, अब्दुल मोमिन पीर के नाम शामिल हैं. जम्मू कश्मीर पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात तनवीर सलीम डार की नियुक्ति साल 1991 में हुई थी. तनवीर की जुलाई 2002 में टालियन मुख्यालय में 'आर्मरर' के रूप में पोस्टिंग हुई. जांच के दौरान ये खुलासा हुआ कि तनवीर ने आर्मरर के रूप में तैनाती के दौरान आतंकियों के हथियारों की मरम्मत करने, उनके लिए गोला-बारूद की व्यवस्था करने के लिए पद का दुरुपयोग किया. जांच के बाद दावा किया गया कि तनवीर को श्रीनगर शहर में लश्कर-ए-तैयबा के सबसे महत्वपूर्ण कमांडर और रसद देने वाले के रूप में जाना जाता था. जांच रिपोर्ट के मुताबिक तनवीर श्रीनगर शहर में हुए कई आतंकी हमलों में शामिल था और उसने एमएलसी जावेद शल्ला की हत्या में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. तनवीर के साथ ही बारामूला सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड में मैनेजर के पद पर तैनात रहे अफाक अहमद वानी को भी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. बता दें कि जम्मू-लश्मीर लगातार आतंकियों के खिलाफ सघन अभियान जारी रखा है.

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