उत्तराखंड में लापता लोगों को मृत घोषित करने की तैयारी
संवाददाता/in24 न्यूज़.
कुदरत की महामारी से तबाह हुए उत्तराखंड में मृत लोगों के अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है. बता दें कि स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र से मिले निर्देशों के तहत 7 फरवरी की चमोली आपदा में लापता लोगों को मृत घोषित करने का फैसला किया है. चमोली आपदा में लापता 204 लोगों में से खोज और बचावकर्मियों ने 69 शव बरामद किए हैं जबकि 135 अभी भी लापता हैं. राज्य के स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी द्वारा रविवार शाम को जारी एक अधिसूचना के बाद सरकार ने जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 लागू किया है, जिसके तहत नामित सरकारी अधिकारी लापता लोगों के मृत्यु प्रमाण पत्र उनके परिवार या रिश्तेदारों को जारी करेंगे. चमोली पुलिस के अनुसार अलग-अलग जगह से अब तक कुल 70 शव और 29 मानव अंग बरामद हुए हैं, इनमें से 39 शवों और एक मानव अंग की शिनाख्त हो चुकी है. नोटिफिकेशन में कहा गया है कि सामान्य परिस्थितियों में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र किसी व्यक्ति को उसी स्थान पर जारी किए जाते हैं जहां वह जन्म लेता है या मृत्यु होती है. लेकिन चमोली आपदा जैसी असाधारण परिस्थितियों में यदि कोई लापता व्यक्ति संभवतः जीवित होने की सभी संभावनाओं से परे मर चुका है, लेकिन उसका शव अभी तक नहीं मिला है, तो उस स्थिति में एक आवश्यक पूछताछ के बाद अधिकारी उसके परिवार के सदस्यों को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करके मृत घोषित कर सकते हैं. मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के उद्देश्य से सरकार ने लापता लोगों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया है. पहली श्रेणी में साइट के पास के क्षेत्र के निवासी हैं जो साइट से गायब हो गए थे. दूसरे में राज्य के अन्य जिलों के लोग हैं जो साइट पर मौजूद थे जबकि तीसरी श्रेणी में अन्य राज्य के पर्यटक या लोग शामिल हैं जो साइट पर मौजूद थे. उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के तहत परिवार के सदस्यों को संबंधित सरकारी अधिकारी को सभी आवश्यक विवरणों के साथ लापता व्यक्ति के बारे में एक हलफनामा प्रस्तुत करना होगा जो उचित जांच के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करेगा. इससे लापता लोगों के परिवारों के लिए मुआवजे का निपटान करने में मदद मिलेगी साथ ही सरकार की चिंता भी कम होगी.