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किसान आंदोलन के 19वें दिन भूख हड़ताल की सियासत

14 Dec, 2020 602

संवाददाता/in24 न्यूज़.
किसान आंदोलन का आज 19वां दिन है. नए कृषि कानूनों के विरोध में चला आ रहा किसानों का विरोध अभी भी कम नहीं हुआ है. सोमवार को भी पंजाब, हरियाणा और यूपी के किसान दिल्ली बॉर्डर पर डटे हुए हैं और लगातार नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. इसी के चलते आज किसान भूख हड़ताल करेंगे. अभी तक किसानों के इस आंदोलन में सरकार और किसानों के बीच कोई भी रास्ता नहीं निकला है. ऐसे में किसानों का ये प्रदर्शन और भी तेज होता जा रहा है. दिल्ली के बॉर्डर पर किसान अलग-अलग स्थानों पर अनशन पर बैठे हुए हैं. इसी बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी किसानों का साथ देने की बात कही है. इसीलिए केजरीवाल भी किसानों के साथ उपवास पर रहेंगे. बता दें कि नए कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर किसान पिछले 19 दिनों से दिल्ली के सिंघु, टिकरी, पलवल, गाजीपुर की सीमाओं पर डटे हुए हैं. आज यानी सोमवार को किसानों ने सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक भूख हड़ताल शुरु कर दी है. इसी के साथ देशभर में टोल नाकों को आज मुफ्त कर दिया गया है. उधऱ, राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच ने कृषि कानून में कुछ सुधार सुझाए हैं. स्वदेशी जागरण मंच का कहना है कि एमएसपी से कम दाम पर फसलों की खरीद को अवैध करार कर दिया जाना चाहिए, इसके साथ ही ऐसे लोगों के खिलाफ सजा का प्रावधान होना चाहिए. स्वदेशी जागरण मंच का ये भी कहना है कि सिर्फ सरकार को ही नहीं बल्कि निजी कंपनियों को भी फसलों को एमएसपी से कम रेट पर फसलों की खरीद पर रोक लगा देनी चाहिए. वहीं दूसरी ओर बीजेपी नए कृषि कानूनों के फायदे गिनाने की कोशिश कर रही है. उत्तर प्रदेश में बीजेपी कृषि कानून 2020 के फायदों के बारे में बताने के लिए कई जिलों में किसान सम्मेलन करेगी. बीजेपी का यह सम्मेलन सोमवार 14 दिसंबर से शुरू होकर 18 दिसंबर तक चलेगा. उत्तर प्रदेश बीजेपी के महासचिव गोविंद नारायण शुक्ला के मुताबिक, बीजेपी के प्रमुख राधा मोहन सिंह अयोध्या और बस्ती में किसान सम्मेलन को संबोधित करेंगे. वहीं, गोंडा में स्वतंत्र देव सिंह और केशव प्रसाद मौर्य कृषि कानून 2020 को लेकर वाराणसी में किसानों को संबोधित करेंगे. बता दें कि सरकार की कोशिश है कि किसान की मेहनत की कमाई बिचौलियों के बीच जाने से बचे, मगर किसान आंदोलन पर अबतक अड़े हुए हैं. 

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