चिपको आंदोलन के जनक और पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा का कोरोना से निधन
संवाददाता/in24 न्यूज़.
कोरोना महामारी ने लगातार लोगों को अपनी चपेट में लेने का काम जारी रखा है. प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और पद्म विभूषण सुंदरलाल बहुगुणा का कोरोना से शुक्रवार को निधन हो गया है. सुंदरलाल बहुगुणा का ऋषिकेश के एम्स अस्पताल में कोरोना का इलाज चल रहा था. सुंदरलाल बहुगुणा के बेटे और वरिष्ठ पत्रकार राजीव नयन बहुगुणा ने सोशल मीडिया पर उनके निधन की खबर दी. 8 मई को राजीव ने फेसबुक पर लिखा था कि अभी अभी पिता को एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया हूं. जांचें चल रही हैं. एक अनपढ़ मनुष्य की मूर्खता, धूर्तता, लिप्सा एवं क्रूरता की सज़ा पूरा देश भुगतने को अभिशप्त है. इतिहास की देवी अपनी इच्छाएं पूर्ण करें. सभी सतर्क एवं सुरक्षित रहें मित्रो. मैं मंसूर का कथन नए सन्दर्भों में दोहराता हूं कि एक विचित्र चोर हम सबके कपड़े , खाद्य , दवाइयां ऑक्सीजन सिलेंडर और मास्क लेकर कहीं छुप गया है. पर्यावरण कार्यकर्ता बहुगुणा ने अपना जीवन जंगलों और हिमालय के पहाड़ों के विनाश के विरोध में ग्रामीणों को समझाने और शिक्षित करने में बिताया. यह उन्ही प्रयास था कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पेड़ काटने पर प्रतिबंध लगा दिया. बहुगुणा को इकोलॉजी स्थायी अर्थव्यवस्था है के नारे के लिए सबसे ज्यादा याद किया जाता है. इनके निधन से देश में शोक की लहर फ़ैल गई है.