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नहर में गिरी बस, 47 लोगों की मौत

16 Feb, 2021 3137

संवाददाता/in24 न्यूज़/भोपाल 

    मध्यप्रदेश के सीधी में उस समय कोहराम मच गया जब रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र में सुबह साढ़े सात बजे यात्रियों से भरी एक बस 30 फीट गहरे नहर में गिर पड़ी. घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची राहत-बचाव टीम ने क्रेन के जरिए दुर्घटना ग्रस्त बस को नहर से बाहर निकाला. शुरूआती दौर में लगभग 37 शव संजय गांधी अस्पताल भेजे गए. बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर 47 हो गयी. नहर में बहे अन्य यात्रियों की तलाश जारी है. इस घटना में किसी तरह सात लोगों को सुरक्षित निकाला गया. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस हादसे पर गहरा दुःख जताया. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की. मुख्यमंत्री ने इस हादसे के बाद आज होने वाली कैबिनेट की बैठक को भी स्थगित कर दिया और अपने दो मंत्रियों को तत्काल घटनास्थल पर जाने की हिदायत दी. मृतकों में सबसे पहले संजय गांधी कॉलेज के सेवानिवृत्त प्रोफेसर हीरालाल शर्मा की शिनाख्त हुई. आईजी उमेश जोगा ने बताया कि इसके पहले हादसे के तत्काल बाद तैरकर बाहर आ रहे सात लोगों को ग्रामवासियों ने बचा लिया. जिस नहर में बस गिरी उसकी गहराई इतनी ज्यादा थी उक्त बस उसमे पूरी तरह से डूब गयी. पुलिस प्रशासन और गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत कर उसे गहरे पानी से बाहर निकाल लिया. 

           यह बस सीधी से सतना की तरफ जा रही थी. घटना के तत्काल बाद आसपास के ग्रामीणों ने बस में फंसे लोगों को बाहर निकाला. बस में सवार यात्रियों के परिवार वाले भी मौके पर पहुंचे जिसके बाद चीख पुकार मच गयी. बताया जा रहा है कि उक्त बस छुहियाघाटी में दो दिन से लगे जाम की वजह से अपने तय रूट  जाकर शार्ट कट रास्ते से जा रही थी. आज परीक्षा होने की वजह से कई विद्यार्थी इस बस में सवार थे. दुर्घटनास्थल पर 13 सदस्यीय होमगार्ड की टीम और एसडीआरएफ की टीम समेत कई अधिकारी मौजूद थे. इस दौरान नहर के पानी को कम करने के लिए बाणसागर की तरफ जाने वाले पानी को भी रोक दिया गया. मृतकों में 16 महिलाएं और एक बच्चा शामिल है. सरकारी अधिकारी के मुताबिक बस में करीब 54 यात्री सवार थे. इस घटना के बाद मध्यप्रदेश के परिवहन मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत विपक्ष के निशाने पर हैं. सबसे बड़ा सवाल ये है कि बस में यात्रियों के सीट की क्षमता कम थी तो इतने बड़े पैमाने पर यात्रियों को बस में किसने बैठने दिया इसके अलावा शार्ट कट रास्ता चुनकर यात्रियों के जान से खिलवाड़ क्यों किया गया. मध्यप्रदेश में विपक्ष इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग राज्य सरकार से कर रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्यप्रदेश में हुई बस दुर्घटना पर दुःख जताया.                                    

   

 

 

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