पीएम मोदी ने आरबीआई की दो नई स्कीम्स को किया लॉन्च
संवाददाता/in24 न्यूज़.
भारतीय रिजर्व बैंक की दो स्कीम्स को आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुदरा प्रत्यक्ष योजना और रिजर्व बैंक एकीकृत लोकपाल योजना की शुरुआत की। इस दौरान पीएम मोदी ने कोरोना वायरस महामारी के दौरान में आरबीआई की तरफ से किए गए कार्यों की तारीफ भी की। पीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उपभोक्ताओं के लिए अहम कही जा रही इन योजनाओं की शुरुआत की। लॉन्चिंग के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, आरबीआई के गवर्नर और डिप्टी गवर्नर समेत केंद्र के कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे। पीएम मोदी ने कहा कि आज जिन दो योजनाओं को लॉन्च किया गया है, उनसे देश में निवेश के दायरे का विस्तार होगा और कैपिटल मर्केट्स को एक्सेस करना निवेशकों के लिए अधिक आसान, अधिक सुविधाजनक बनेगा।’ उन्होंने कहा कि रिटेल डायरेक्ट स्कीम में देश के छोटे निवेशकों को गवर्नमेंट सिक्युरिटीज में निवेश का सुरक्षित और आसान रास्ता मिला है। पीएम ने यह भी कहा कि कोरोना के इस चुनौतीपूर्ण कालखंड में वित्त मंत्रालय ने, आरबीआई और अन्य वित्तीय संस्थाओं ने बहुत प्रशंसनीय कार्य किया है। यह विश्वास है कि आरबीआई राष्ट्र की उम्मीदों को पूरा करेगा। उन्होंने कहा कि बीते 6-7 सालों में केंद्र सरकार ने आम भारतीय की इच्छाओं को पूरा करने के लिए काम किया है। आरबीआई ने भी आम आदमी को ध्यान में रखते हुए कई अहम कदम उठाए हैं। पीएम मोदी ने बताया कि अभी तक गर्वमेंट सिक्यूरिटी मार्केट में हमारे मध्यम वर्ग, कर्मचारी, छोटे व्यापारी, वरिष्ठ नागरिकों को सिक्योरिटीज में निवेश के लिए बैंक इंश्योरेंश या म्यूचल फंड जैसे रास्ते अपनाने पड़ते थे। अब उन्हें सुरक्षित निवेश का एक और बेहतर विकल्प मिल रहा है। बीते 7 सालों में, NPAs को पारदर्शिता के साथ पहचाना गया, रोजॉल्युशन और रिकवरी पर ध्यान दिया गया, पब्लिक सेक्टर बैंकों को रिकैपिटलाइज किया गया, फाइनेंशियल सिस्टम और पब्लिक सेक्टर बैंकों में एक के बाद एक रिफॉर्म्स किए गए। पीएमओ की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के मुताबिक भारतीय रिजर्व बैंक खुदरा प्रत्यक्ष योजना का उद्देश्य सरकारी प्रतिभूति बाजार में खुदरा निवेशकों की पहुंच बढ़ाना है। इसके तहत खुदरा निवेशकों के लिये भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा जारी प्रतिभूतियों में सीधे निवेश करने का रास्ता खुल जाएगा। पीएमओ ने कहा कि निवेशक भारतीय रिजर्व बैंक के हवाले से ऑनलाइन सरकारी प्रतिभूति खाते आसानी से खोल सकते हैं और उन प्रतिभूतियों का रख-रखाव कर सकते हैं। यह सेवा निशुल्क होगी। पीएमओ के मुताबिक एकीकृत लोकपाल योजना का उद्देश्य शिकायतों को दूर करने वाली प्रणाली में और सुधार लाना है ताकि संस्थाओं के खिलाफ ग्राहकों की शिकायतों को दूर करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक नियम बना सके। इस योजना की केंद्रीय विषयवस्तु ‘एक राष्ट्र-एक लोकपाल’ की अवधारणा पर आधारित है। इसके तहत एक पोर्टल, एक ई-मेल और एक पता होगा, जहां ग्राहक अपनी शिकायतें दायर कर सकते हैं। ग्राहक एक ही स्थान पर अपनी शिकायत दे सकते हैं, दस्तावेज जमा कर सकते हैं, अपनी शिकायतों-दस्तावेजों की स्थिति जान सकते हैं और फीडबैक दे सकते हैं। बता दें कि इसके लिए एक बहुभाषी टोल-फ्री नंबर भी दिया जाएगा, जो शिकायतों का समाधान करने तथा शिकायतों को दायर करने के बारे में सभी जरूरी जानकारी प्रदान करेंगे। यानी इन सुविधाओं से खाताधारकों के समक्ष बड़ी सुविधा उपलब्ध होगी।