राफेल विमान को अंबाला एयरबेस पर 17 स्कवॉड्रन 'गोल्डन ऐरोज़' में किया गया शामिल
संवाददाता/in24 न्यूज़।
भारतीय वायुसेना के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। फ्रांस से खरीदे गए पांचों राफेल लड़ाकू विमानों के वायुसेना में शामिल होने के साथ ही आसमान में उनकी ताकत में जबरदस्त इजाफा हो गया। सर्व धर्म पूजा के बाद राफेल लड़ाकू विमान औपचारिक रूप से भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया है। राफेल विमान को अंबाला एयरबेस पर 17 स्कवॉड्रन 'गोल्डन ऐरोज़' में शामिल किया गया। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षामंत्री फ्लोंरेस पार्ले की मौजूदगी में राफेल वायुसेना में शामिल हुआ। अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों की कमी का सामना कर रही भारतीय वायु सेना के लिए आज के दिन को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि क्षेत्र में शक्ति संतुलन को बदलने की ताकत रखने वाला राफेल इसी दिन उसके लड़ाकू विमानों के बेड़े की शान बन गया। पाकिस्तान और चीन के साथ तनाव के मद्देनजर राफेल की मौजूदगी अब और भी अहम हो गई है। क्योंकि राफेल में चीन और पाकिस्तान को मात देने की पूरी क्षमता है.अंबाला एयरबेस पर राफेल लड़ाकू विमान को वाटर कैनन से सलामी दी गई। सभी 5 राफेल विमान को दी गई सलामी। फ्लाईपास्ट के शुरू होने के साथ ही 4.5 पीढ़ी का लड़ाकू विमान राफेल आसमान में करतब भी दिखाया। बता दें कि भारतीय वायुसेना में 5 राफेल लड़ाकू विमान शामिल हुए हैं 29 जुलाई को फ्रांस से 5 राफेल विमान अंबाल के एयरफोर्स बेस में पहुंचे थे। इनमें तीन सिंगल सीटर और दो ट्विन सीटर जेट हैं। अंबाला एयरबेस में जगुआर और मिग-21 फाइटर जेट भी हैं। राफेल का दूसरा बैच अक्टूबर तक आने की उम्मीद है। इसमें तीन से चार फाइटर जेट हो सकते हैं।