रूस की वैक्सीन स्पुतनिक वी का निर्माण भारत में होगा
संवाददाता/in24 न्यूज़.
आज पूरी दुनिया कोरोना महामारी का सामना कर आरही है. इसकी भयावहता बढ़ती जा रही है. ऐसे में राहत की बात है कि रूस के संप्रभु धन कोष और भारतीय दवा कंपनी हेटेरो ने शुक्रवार को स्पुतनिक वी के ट्विटर अकाउंट पर एक बयान में कहा कि कोविड-19 के खिलाफ स्पुतनिक वी वैक्सीन के भारत में प्रति वर्ष 100 मिलियन से अधिक खुराक का उत्पादन करने पर सहमति व्यक्त की है. बयान में कहा गया कि हेटेरो और रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (आरडीआईएफ), जो वैक्सीन का सपोर्ट कर रहे हैं और वैश्विक स्तर पर इसकी मार्केटिंग कर रहे हैं, 2021 की शुरुआत में भारत में स्पुतनिक वी का उत्पादन शुरू करने की योजना है. बयान में कहा गया है कि भारत में फेज- II-III का परीक्षण जारी हैं. ड्रगमेकर डॉ.रेड्डीज लैबोरेटरीज लिमिटेड ने कहा है कि यह मार्च 2021 तक लेट स्टेज परीक्षणों को पूरा करने की उम्मीद कर रहा है. भारत में कोरोना वायरस के पहले टीकाकरण में लगभग 30 करोड़ लोगों को कोविड-19 वैक्सीन का टीका लगेगा. एक रिपोर्ट के अनुसार प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर के. विजयराघवन ने कहा कि जो लोग टीकाकरण की पहली लहर का हिस्सा होंगे उनमें हेल्थ केयर वर्कर, पुलिस कर्मी और 50 साल से ऊपर के लोग शामिल होंगे.राघवन गुरुवार को विज्ञान मंत्रालय और भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा आयोजित बैठक में बोल रहे थे. विजयराघवन ने कहा कि डॉ. वी.के. पॉल की अगुवाई वाली नेशनल वैक्सीन कमेटी ने इसके लिए एक व्यापक खाका को अंतिम रूप दिया है. उन्होंने कहा कि मार्च से मई तक टीके बड़ी संख्या में उपलब्ध होने की संभावना है और राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम का उपयोग करके इन वर्षों में लागू किया जाएगा. विजयराघवन ने कहा कि राज्य और केंद्रीय पुलिस, सशस्त्र बल, होम गार्ड, 2 करोड़ सिविल डिफेन्स और एक करोड़ स्वास्थ्य कार्यकर्ता हैं. वैक्सीन के आने के बाद कोरोना से ग्रसित और संक्रमित लोगों में उम्मीद की नई किरण देखने को मिलेगी।