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17 तोपों की सलामी के साथ हुआ जनरल रावत का अंतिम संस्कार

10 Dec, 2021 758

संवाददाता/in24 न्यूज़.
आज देश के सीडीएस (CDS) जनरल बिपिन रावत का अंतिम संस्कार पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ संपन्न हो गया। उन्हें 17 तोपों की सलामी दी गई। अंतिम संस्कार के दौरान सशस्त्र सेनाओं के विभिन्न रैंकों के कुल 800 सैन्यकर्मी मौजूद रहे। जनरल रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत तथा 11 अन्य सैनिकों की बुधवार को तमिलनाडु में कुन्नूर के निकट हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। देश के पहले प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत के अंतिम संस्कार में श्रीलंका, भूटान, नेपाल और बंगलादेश के सैन्य कमांडर भी शामिल हुए। विदेश से यहां पहुंचे सैन्य कमांडरों में श्रीलंका के प्रमुख रक्षा अध्यक्ष और सेना के कमांडर जनरल शेवेन्द्र सिल्वा, पूर्व प्रमुख रक्षा अध्यक्ष एडमिरल रविन्द्र सी विजेगुणारत्ने , भूटान की सेना के उप प्रमुख अभियान अधिकारी ब्रिगेडियर दोर्जी रिनचेन , नेपाल के उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल बाल कृष्ण कार्की और बंगलादेश की सेना के प्रधान स्टाफ अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल वाकर उज जमान शामिल रहे। गौरतलब है कि एडमिरल विजेगुणारत्ने राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज में जनरल रावत के कोर्स सहयोगी रहे हैं। बता दें कि गुरुवार को कुन्नूर से यहां लाए जाने के बाद जनरल रावत के पार्थिव शरीर को उनके निवास स्थान तीन काम राजमार्ग पर लोगों के दर्शनार्थ रखा गया था। सेना और सरकार के वरिष्ठ अधिकारी तथा आम लोगों ने जनरल रावत को श्रद्धांजलि दी। सेना, नौसेना और वायु सेना के ब्रिगेडियर स्तर के 12 अधिकारी जनरल रावत के पार्थिव शरीर के पास निगरानी के लिए तैनात किए गए थे। उनकी अंतिम यात्रा तीन कामराज मार्ग से दोपहर दो बजे दिल्ली छावनी स्थित बरार स्क्वायर शमशान के लिए रवाना हुई। जनरल रावत की अंतिम यात्रा में सेना, नौसेना और वायु सेना के सभी रैंक के कुल 99 अधिकारी तथा तीनों सेनाओं के बैंड के 33 सदस्य आगे-आगे चल रहे थे। तीनों सेनाओं के सभी रैंकों के 99 अधिकारीयों ने पीछे से एस्कॉर्ट किया। अंतिम संस्कार के दौरान सशस्त्र सेनाओं के कुल 800 अधिकारी तथा जवान मौजूद रहे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद रहे। जनरल रावत की दोनों बेटियों ने उनके पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी।

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