आरे कॉलोनी में पेड़ की कटाई पर सियासत
संवाददाता/in24 न्यूज़.
पर्यावरण प्रेमियों के लिए आरे कॉलोनी से पेड़ की कटाई बेहद दुखदाई है. चूंकि 27 सौ पेड़ काटने के आदेश दे दिए गए हैं इसलिए उनकी तड़प समझी जा सकती है. अब इस बारे में एक नया राजनितिक मोड़ आ गया है. शिवसेना ने साफ़ कहा है कि पेड़ काटने वालों को नहीं बख्शा जाएगा. गौरतलब है कि मुंबई की आरे कॉलोनी में पेड़ काटने के मुद्दे पर प्रशासन और पर्यावरण प्रेमी आमने-सामने हैं. बॉम्बे हाई कोर्ट के आरे से जुड़ी याचिकाओं को खारिज करने के बाद शुक्रवार रात से ही पेड़ काटने का काम शुरू हो गया. कटाई के विडियो वायरल होने पर सैकड़ों लोग इसे रोकने पहुंच गए जिसके बाद से वहां जबरदस्त विरोध प्रदर्शन जारी है. हालत यह है कि कई किलोमीटर पहले ही लोगों के अंदर घुसने पर रोक लगा दी गई है और धारा 144 लागू कर दी गई है. वहीं पुलिस से प्रदर्शनकारियों की झड़प के बाद कई लोग हिरासत में लिए गए हैं. गौरतलब है कि मेट्रो कार शेड के लिए बीएमसी ने आरे के करीब 2700 पेड़ों की कटाई को हरी झंडी दी थी जिसके खिलाफ अलग-अलग याचिकाएं कोर्ट में दायर की गई थीं. हालांकि, शुक्रवार को बॉम्बे हाई कोर्ट ने यह कहकर याचिकाओं को खारिज कर दिया कि मामला पहले की सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के सामने लंबित है, इसलिए हाई कोर्ट इसमें फैसला नहीं दे सकता. इधर कोर्ट ने यह फैसला दिया और उधर अधिकारियों ने आरी उठी ली. पर्यावरण कार्यकर्ताओं और आरे बचाओ मुहिम से जुड़े लोगों को जानकारी मिली कि शुक्रवार को देर रात में ही पेड़ों की कटाई शुरू हो गई और 200 से ज्यादा पेड़ काट डाले गए हैं. पेड़ों की कटाई के विडियो रात को तेजी से शेयर होने के बाद बड़ी संख्या में लोग आरे पहुंचे. रिपोर्ट्स के मुताबिक 300 से भी ज्यादा लोगों ने वहां पहुंचकर मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की बैरिकेडिंग तोड़ी और पेड़ों को कटने से बचाया. आरोप है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया.