क्रूज से आर्यन खान को किडनैप किया गया : नवाब मलिक
संवाददाता/in24 न्यूज़।
शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान और एनसीबी के बारे में महाराष्ट्र के मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक लगातार हमलावर बने हुए है। उन्होंने आज फिर मीडिया के सामने आकर क्रूज ड्रग्स से जुड़े कई बड़े दावे किए। उन्होंने दावा किया कि आर्यन खान का पूरा केस कैडनैपिंग और उगाही का मामला है और इसका मास्टरमाइंड मोहित कंबोज है। मलिक ने ये भी आरोप लगाया कि उगाही में मोहित कंबोज एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े का पार्टनर है। उन्होंने सवाल किया कि एनसीबी के मुख्यालय में बाहरी लोगों की एंट्री कैसे हो सकती है। क्रूज ड्रग्स केस पूरी तरह से फर्जी है। नवाब मलिक ने कहा कि बाहरी कोई व्यक्ति किसी आरोपी को कैसे ले जा सकता है। किरण गोसावी नाम का शख्स आर्यन खान का बयान ले रहा था जो कि खुद दूसरे मामले में आरोपी रह चुका है। उन्होंने कहा कि एनसीबी ने क्रूज ड्रग्स केस में 11 लोगों को हिरासत में लिया था लेकिन इसमें तीन लोगों को क्यों छोड़ा। छह अक्टूबर को मेरी पीसी हुई और सात अक्टूबर को वानखेड़े और कंबोज ओशिवरा के कब्रिस्तान में मिले। इनका नसीब अच्छा था कि उस दौरान सीसीटीवी बंद था। वानखेड़े साहब घबराहट में चले गए कि कोई उनका पीछा कर रहा है। वानखेड़े का एक ही खेल है कि ड्रग का धंधा चलता रहे और ड्रग माफिया को संरक्षण दिया जाए। इतना ही नहीं वानखेड़े फिल्म जगत के लोगों को डराकर हजारों करोड़ की उगाही के खेल में भी शामल हैं। नवाब मलिक ने कहा कि साजिश के तहत आर्यन खान को किडनैप किया गया था। समीर वानखेड़े ने भाजपा नेता के साथ मिलकर फिरौती के लिए यह साजिश रची और छोड़ने के लिए 25 करोड़ रुपये की मांग की थी। नवाब मलिक ने आरोप लगाते हुए कहा कि एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े ने भाजपा नेता मोहित कंबोज की मदद से साजिश रची। मोहित कंबोज पहले भी उगाही का काम करता था। उन्होंने आरोप लगाया कि मोहित कंबोज पर 1100 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी का आरोप था। वो पहले कांग्रेस नेताओं के पीछे-पीछे था, लेकिन सरकार बदलने के बाद वो भाजपा का करीबी बन गया। मलिक ने कहा कि मोहित कंबोज की समीर वानखेड़े से गहरी दोस्ती है। दोनों मिलकर उगाही का धंधा चलाया। दोनों ने ही साजिश के तहत आर्यन खान को किडनैप किया था। उन्होंने कहा कि आर्यन खान ने क्रूज पार्टी की टिकट नहीं खरीदी, बल्कि प्रतीक गाबा और आमिर फर्नीचरवाला ही उन्हें वहां लाए थे। यह एक तरह से अपहरण और फिरौती का मामला है। अब देखना होगा कि इस पूरे आरोप पर वानखेड़े और मोहित कंबोज की प्रतिक्रिया कब और कैसी आती है!