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जर्जर इमारत में रहेंगे महाराष्ट्र के विधायक

04 Nov, 2018 1298
संवाददाता/in24न्यूज़/ मुंबई।  
आगामी 19 नवंबर से शुरू होने जा रहे महाराष्ट्र विधिमंडल की शीतकालीन सत्र में विधायकों को ठहरने के लिए सरकार ने अभीतक कोई इंतजाम नहीं किया है.जिससे नाराज विधायकों का कहना है कि मनोरा आवास के खस्ताहाल के बाद सरकार होटल में ठहराने का वादा किया था.लेकिन खर्च सवा करोड़ रुपये खर्च आने के डर से सरकार ने मन बदल दिया और  मनोरा में ही विधायकों को रुकवाने के लिए साफ सफाई शुरू कर दिया है. ताकि विधायकों को वहां ठहराया जा सके माना जा रहा है कि आगामी विधान मंडल सत्र में यह मामला गूंजेगा। विधायकों को ठहराने के मसले पर विधान मंडल के प्रमुख सचिव अनंत कलसे ने राज्य के सार्वजनिक निर्माणकार्य मंत्री चंद्रकांत पाटील से मुलाकात की बताया जा रहा है कि मुलाकात के दौरान कलसे ने मंत्री पाटील को बताया कि विधायकों को ठहरने का इंतजाम निजी होटलों में किया गया तो करीब सवा करोड़ रुपये खर्च आएगा साथ ही विधायकों के लिए निजी होटल में व्यवस्था करने पर सरकार की आलोचना हो सकती है. इसी को देखते हुए पाटील ने मनोरा आवास में ही विधायकों को ठहराने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है वहीं बताया जा रहा है कि शीतकालीन सत्र के बाद मनोरा विधायक आवास का पानी और बिजली कनेक्शन काटने के भी निर्देश दिया गया हैं नरिमन पॉइंट स्थित मनोरा विधायक आवास में 158 विधायकों के रहने की व्यवस्था हैं अब यह इमारत जर्जर अवस्था में पहुंच गयी  है। इस साल बजट सत्र के दौरान जलगांव जिले के एरंडोल से राकांपा के विधायक डॉ़ सतीश पाटील के कमरे की छत का प्लास्टर गिर गया था संयोग से उस वक्त विधायक पाटील उस जगह पर नहीं थे घटना से नाराज पाटील ने विधानसभा में कहा कि अगर सरकार विधायक आवास का मामला हल नहीं कर सकती तो विधान भवन में ही झुग्गी बनाएंगे जिसका समर्थन करते हुए  राकांपा नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने मांग किया था कि सरकार मनोरा तुरंत खाली कराए और पर्यायी व्यवस्था न होने पर विधायकों को एक लाख रुपये प्रति महीने दे जिससे वे किराए के कमरे में रह सकें जिसके जबाब में मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस विधायकों को आश्वासन दिया था कि मनोरा में रहने वाले विधायकों के लिए पर्यायी व्यवस्था सरकार करेगी। 

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