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ठाणे में बीजेपी की जनता दरबार को लेकर मचा सियासी घमासान

25 Feb, 2025 375
संवाददाता/in24 न्यूज़। 

महाराष्ट्र में बीते साल हुए विधानसभा चुनाव के बाद जब से देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री बने हैं तब से ही शिवसेना के प्रमुख और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के नाराज होने की अटकलें चल रही है.देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के बीच तकरार की खबरें लगातार सामने आ रही हैं.दरअसल महाराष्ट्र सरकार में रोज कुछ न कुछ ऐसा हो रहा है जिससे महायुति सरकार में दरार सामने आ रही है. खासकर बीजेपी की तरफ से एकनाथ शिंदे को घेरने के लगातार कयास लगाए जा रहे हैं.वहीं अब ठाणे में महायुति सरकार के मंत्री गणेश नाइक द्वारा ठाणे में लगाए गए जनता दरबार ने दरार की ख़बरों ने और हवा दे दी है.उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे का गढ़ माने जाने वाले ठाणे में वन मंत्री और भाजपा नेता गणेश नाइक ने जनता दरबार शुरू कर दिया है.शिंदे के गढ़ में बीजेपी के मंत्री के जनता दरबार लगाने की इस खबर ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है. इस पूरे इस घटनाक्रम को सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में जारी अंदरूनी हलचल से जोड़कर देखा जा रहा है.ठाणे में हो रहे इस जनता दरबार के शहर में कलेक्टर ऑफिस के पास बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाए गए है.

       इन होर्डिंग में नाइक के कार्यक्रम की घोषणा की गई है.राजनीतिक जानकार इसे ठाणे में बीजेपी की मौजूदगी का एलान मान रहे हैं.सूत्रों की मानें तो कई जगहों पर एकनाथ शिंदे के लगे होर्डिंग्स और बैनर हटाकर गणेश नाइक के जनता दरबार के होर्डिंग-बैनर लगाए गए हैं ये खबर ऐसे समय में आई है जब बीजेपी और शिवसेना के बीच तनाव बढ़ रहा है.राजनीतिक हलकों में इसे भाजपा द्वारा शिवसेना के प्रभाव को सीधी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है. बता दें कि बीते दिनों एकनाथ शिंदे ने जो चुनौती दी थी और जिसमे उन्होंने ये कहा था कि मुझे हल्के में ना ले.क्योंकि  जिन्होंने मुझे हल्के में लिया था उनका तांगा पलट दिया और वो सत्ता से बाहर हो गए हैं.ऐसे में अब सावल ये भी है कि क्या शिंदे को वो चुनौती देना भारी पड़ा है.और क्या शिंदे की चुनौती का जवाब अब बीजेपी की तरफ से दिया जा रहा है.दरअसल जब शिंदे से इस बारे में पूछा गया कि ये इशारा किसके लिए था तो उन्होंने ऐसा जवाब दिया कि जिसमें उद्धव ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस दोनों के लिए चेतावनी नजर आई. उन्होंने कहा कि यह इशारा किसके लिए था, जिसे समझना था और वो समझ भी गए हैं।  

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