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संदिग्ध स्कॉर्पियो मालिक मनसुख हिरेन की मौत पर गरमाई राजनीति

06 Mar, 2021 879

संवाददाता/ in24 न्यूज़।  
मुकेश अंबानी की बहुमंजिला इमारत एंटीलिया के बाहर मिली संदिग्ध स्कॉर्पियो कार का मामला तूल पकड़ता जा रहा है.इस मामले में जहां सियासत तेज़ होती जा रही है.वहीं कथित कार के मालिक बताए जा रहे मनसुख हिरेन की मौत ने मामले को और पेचीदा बना दिया है.दरअसल हिरेन के शव की जांच के दौरान उनके मुंह से पांच रूमाल निकले हैं.जबकि उनकी लाश ठाणे जिले के मुंब्रा इलाके एक नाले से बरामद की गई है.प्रारंभिक जांच में पुलिस मनसुख हिरेन की मौत को आत्महत्या जैसा बता रही थी.लेकिन लाश के मुंह से निकले पांच रूमाल दूसरी तरफ इशारा कर रहे हैं.आपको बता दे कि मनसुख हिरेन ठाणे के रहने वाले थे और ठाणे में ही उनका ऑटोमोबाइल पार्ट्स का बिजनेस था.वहीं उनके परिवार ने आरोप लगाया है कि मनसुख हिरेन को मारकर पानी में डुबाया गया है.दरअसल परिवार ने खुलासा करते हुए बताया कि मनसुख हिरेन को स्विमिंग आती थी. वो अच्छे से तैरना जानते थे. तो पानी में जाकर सुसाइड करने की बात शंका पैदा करती है.वहीं उनकी लाश की जांच के दौरान उनके मुंह से निकले पांच रूमाल साफ तौर पर किसी बड़ी साजिश की तरफ इशारा कर रहे हैं. परिवार के लोग जब शुक्रवार को ठाणे में मनसुख के गायब होने की शिकायत दर्ज कराने पहुंचे थे.तभी थाने में खबर आई कि ठाणे की खाड़ी में एक शव मिला है.जो पानी में होने की वजह से फूल गया था, पुलिस उनके परिवार को वहां ले गई.और शव की शिनाख्त कराई. परिवार ने पहचान करके बताया कि ये शव मनसुख हिरेन का ही है.परिवार का कहना है कि मनसुख की लास्ट मोबाइल लोकेशन पालघर जिले का विरार इलाके में थी जबकि उनका शव ठाणे की खाड़ी में मिला है.दोनों लोकेशन में काफी अंतर है.अब इस मामले में पोस्टमार्टम से ही खुलासा होगा कि मनसुख की मौत कैसे और क्यों हुई.

वहीं मनसुख हिरेन की मौत पर विधानसभा में सरकार और विपक्ष के बीच जमकर बहस देखने को मिली। विधानसभा में  गृह मंत्री अनिल देशमुख ने नया खुलासा करते हुए कहा कि मनसुख हिरेन उस कार के मालिक नहीं थे,बल्कि उसके मालिक सैम पीटर न्यूटन नाम का शख्स है और कार पर केवल हिरेन का कब्जा था.गृहमंत्री ने कहा कि मनसुख हिरेन का शव मुंब्रा क्रीक से बरामद किया गया है. उनके शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले हैं, तो वहीं नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने मनसुख की मौत पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस केस में इतने सारे संयोग क्यों हैं? क्या हिरेन और सचिन वजे के बीच कॉल रिकॉर्ड की जांच की जाएगी? सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है,कोई भी व्यक्ति बंधे हाथों से आत्महत्या नहीं कर सकता। उन्होंने ने इस मामले के जांच अधिकारी रहे सचिन वजे की भूमिका पर सवाल उठाते हुए इसकी जांच एनआईए से कराने की मांग की.देवेंद्र फडणवीस को जवाब देते हुए गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि हाथ नहीं बंधे थे और मुंबई पुलिस जांच करने में सक्षम है.साथ ही उन्होंने सचिन वज़े के खिलाफ जांच की मांग को लेकर  कहा कि विपक्ष द्वारा सचिन वजे का बार-बार इस्तेमाल किया जा रहा है, शायद वे वजे पर क्रोधित हैं क्योंकि उन्होंने अर्नब गोस्वामी को गिरफ्तार किया था? फ़िलहाल इस पूरे मामले की जांच एटीएस कर रही है.

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