संसद का शीतकालीन सत्र 15 दिसंबर से 5 जनवरी तक
केंद्र सरकार और कांग्रेस के बीच संसद में शीतकालीन सत्र बुलाने पर आरोप प्रत्यारोप का दौर बदस्तूर जारी है. जहां एक तरफ कांग्रेस का यह आरोप है कि सरकार जानबूझ कर सत्र को देरी से शुरू करना चाहती है तो वहीं सरकार ने जवाब में शीतकालीन सत्र का ऐलान 15 दिसंबर से लेकर 5 जनवरी तक के लिए किया है इस दौरान सांसदों को नव वर्ष की छुट्टी नहीं मिलेगी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर यह आरोप लगाया कि, "सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने की कोशिश में लगी है।
सत्ताधारी भाजपा यह जानती है कि उनकी कुछ क़दमों की वजह से देश की अर्थव्यवस्था को धक्का लगा जिसकी वजह से बीते तीन वर्षों के निचले स्तर पर पहुंच गई "। जवाब में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि ,"सरकार का शीतकालीन सत्र बुलाने का निर्णय काफी सोच समझ कर लिया गया है और रहा सवाल कांग्रेस के बेबुनियाद आरोपों का तो जब कोंग्रेसियों के हाथ में सत्ता थी तब उन्होंने भी ऐसे कदम उठाये थे।
एक तरफ संसद के शीतकालीन सत्र को लेकर सरकार और कांग्रेस के बीच दांवपेंच जारी है तो दूसरी तरफ गुजरात एवं हिमाचल प्रदेश की विधानसभा चुनाव को देख यही लगता है कि केंद्र सरकार अपना एक-एक कदम बहुत सोच समझकर बढ़ा रही है क्योंकि हाल ही के दिनों में यह देखा गया है कि कांग्रेस काफी मज़बूती के साथ उभरी है और पार्टी ने अपनी पूरी जान भाजपा को परास्त करने में लगा दी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस कश्मकश के बीच कांग्रेस अपने आरोपों से भाजपा पर भारी पड़ेगी या फिर भाजपा बाज़ी मार ले जायेगी।