Breaking News

सीएम की कुर्सी से नीतीश कुमार का मोहभंग

28 Dec, 2020 941

संवाददाता/in24 न्यूज़.
राजनीति में कोई अपना धोखा दे जाए ये कोई नहीं जानता. मगर गठबंधन की राजनीति में बहुत कुछ बर्दाश्त करना मजबूरी होती है. राजनीतिक अस्थिरता और पार्टी के पांच विधायकों के बीजेपी में जाने से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बेहद आहात हो गए हैं. उनका दुःख इसी बात से समझा जा सकता है कि अब उन्हें मुख्यमंत्री पद की कोई लालसा नहीं रह गई है. बता दें कि बिहार की सियासत में इन दिनों उथल-पुथल मची हुई है। अरुणाचल प्रदेश में 6 जेडीयू विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद दोनों पार्टियों के बीच मतभेद सामने आ गए हैं। नीतीश कुमार ने तो यहां तक कह दिया कि वह मुख्यमंत्री बनना ही नहीं चाहते थे, लेकिन भाजपा के दबाव के आगे वह सीएम बने। जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में नीतीश कुमार भाजपा से काफी नाराज नजर आए। उन्होंने कहा कि अब मुझे सीएम नहीं रहना, एनडीए चाहे अब जिसे बिहार का मुख्यमंत्री बना दे। नीतीश कुमार ने कहा कि मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि बिहार का सीएम बीजेपी का हो, मुझे किसी पद का मोह नहीं है। पार्टी के महासचिव के सी त्यागी ने नीतीश कुमार द्वारा पार्टी की बैठक में दिए गए भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहते थे और उन्होंने इस बारे में अपनी पार्टी और सहयोगी भाजपा दोनों को बताया था। पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में छह विधायकों के जदयू छोड़कर भाजपा में शामिन होने के बाद राज्य में जदयू का एक विधायक बचा है। जदयू ने अरुणाचल प्रदेश में अपने विधायकों के पाला बदलकर भाजपा में जाने को लेकर रविवार को नाराजगी जतायी और कहा कि यह ‘‘यह गठबंधन राजनीति का कोई अच्छा संकेत'' नहीं है। जदयू ने साथ ही अटल बिहारी वाजपेयी के समय पालन किये जाने वाले गठबंधन धर्म पर जोर दिया। त्यागी ने कहा कि साझेदारों को वैसी ‘गठबंधन राजनीति' का पालन करना चाहिए जैसा अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल या पिछले 15 वर्षों से बिहार में किया गया। गठबंधन सहयोगियों को गठबंधन सरकार चलाते हुए ‘अटल धर्म' का पालन करना चाहिए।' उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा सफलतापूर्वक 23 सहयोगियों की गठबंधन सरकार चलाने का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके (सहयोगियों) के बीच कोई विरोधाभास नहीं था। बहरहाल, नीतीश कुमार के इस बयान से बिहार की सरकार में बदलाव कब और कैसे होता है, इसपर सबकी नज़रें बनी हुई हैं.

अन्य खबरे