महाराष्ट्र में घट सकती है लाड़ली बहिन योजना के लाभार्थियों की संख्या
संवाददाता/in24 न्यूज़।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी, शिवसेना और एनसीपी की महायुति को भारी वोट दिलाने वाली लड़की बहिन योजना में लाभार्थियों की संख्या कम हो सकती है.दरअसल लड़की बहिन योजना राज्य सरकार के खजाने पर वित्तीय बोझ डाल रही है. ऐसे में अब राज्य सरकार ने लड़की बहिन योजना के फर्जी लाभार्थियों का पता लगाने के लिए अभियान चला रही है. राज्य सरकार ने लड़की बहिन योजना के लिए एक और महत्वपूर्ण नियम लागू किया है.इस नियम से लड़की बहिन योजना की महिला लाभार्थियों की संख्या में और कमी आने की संभावना है.सरकार ने अब इस योजना के लाभार्थियों के साथ-साथ पति या पिता की भी ई-केवाईसी करवाना अनिवार्य कर दिया गया है.
राज्य सरकार अब लड़की बहन योजना की महिला लाभार्थी के साथ-साथ उसके पति या पिता की वार्षिक आय का भी सत्यापन करेगी। यदि महिला शादी-शुदा है तो पति की आय और यदि विवाहित नहीं है, तो पिता की आय की जानकारी ली जाएगी.इस नियम के तहत लाभार्थी महिला की आय पिता या पति की आय के साथ 2.5 लाख रुपये से अधिक है, तो उसे अपात्र घोषित कर दिया जाएगा. लड़की बहन योजना के लिए मुख्य शर्त यह है कि परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए. कई पात्र महिलाओं की आय कम है. हालांकि, विवाहित होने पर पति की आय और अविवाहित होने पर पिता की आय की भी जांच की जाएगी.पहले, लाभार्थी महिलाओं की आय का पता लगाया जाता था.इस दौरान पाया गया कि गृहिणियों और अधिकांश महिलाओं की आय 2.5 लाख से अधिक नहीं थी.इसलिए, अब राज्य सरकार ने परिवार की कुल आय जानने के लिए पति या पिता का ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया है.