महादेव ऐप सरगना सौरभ चंद्राकर गिरफ्तार: पूर्व सीएम भूपेश बघेल की बढ़ीं मुश्किलें!
करोड़ों रुपये के चर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ के सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। जांच एजेंसियों द्वारा सौरभ चंद्राकर को हिरासत में लेकर भारत लाए जाने और पूछताछ शुरू करने के साथ ही राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती दिख रही हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि सिंडिकेट के मुख्य सरगना से पूछताछ के बाद इस अवैध नेटवर्क, हवाला लेनदेन और राजनीतिक-प्रशासनिक संरक्षण की परतें तेजी से खुलेंगी।
मामले की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आरोप लगाया था कि महादेव ऐप सिंडिकेट की ओर से तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कथित तौर पर 508 करोड़ रुपये की राशि पहुंचाई गई थी। ऐप से जुड़े सह-आरोपी के कथित बयानों के जरिए यह दावा किया गया था कि राज्य में बिना किसी रुकावट के सट्टेबाजी का धंधा चलाने के लिए हर महीने ऊंचे स्तर पर प्रोटेक्शन मनी यानी संरक्षण राशि दी जाती थी। अब मुख्य प्रमोटर के हाथ आने से जांच एजेंसियों को बैंक खातों, फर्जी कंपनियों और नकदी के लेनदेन से जुड़े पुख्ता सुराग मिलने की उम्मीद है।
सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और भूपेश बघेल पर तीखा हमला बोलना शुरू कर दिया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर सच्चाई सामने आ जाएगी और पूर्व मुख्यमंत्री को जवाब देना पड़ेगा। दूसरी तरफ, पूर्व सीएम भूपेश बघेल इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी सरकार ने ही सबसे पहले महादेव ऐप के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कई मामले दर्ज किए थे और गिरफ्तारियां की थीं। बघेल का आरोप है कि राजनीतिक लाभ लेने और छवि खराब करने के लिए ही उनका नाम इस मामले में घसीटा जा रहा है।
फिलहाल, हजारों करोड़ रुपये के इस सट्टेबाजी नेटवर्क में शैल कंपनियों, क्रिप्टो करेंसी और विदेशी खातों के जरिए पैसों की हेराफेरी की जांच जारी है। सौरभ चंद्राकर से होने वाली गहन पूछताछ के बाद आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ की राजनीति और प्रशासनिक हलकों से कई और बड़े नामों पर आंच आ सकती है।