Breaking News

मोदी सरकार का बड़ा फैसला,पेपर लीक मामलों के लिए बनेंगी फास्ट ट्रैक कोर्ट

23 Jul, 2026 16

संवाददाता/in24 न्यूज़।
23 जुलाई 2026 पेपर लीक के मामलों में कड़ी कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि देश में तेज अदालतें स्थापित की जाएंगी। इन अदालतों का उद्देश्य पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्दी और कड़ी सजा दिलाना है।

प्रधानमंत्री ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री ने कहा,  हमारे युवाओं के कल्याण और भविष्य से बढ़कर कुछ नहीं है। हमने फैसला किया है कि पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्दी और कड़ी सजा देने के लिए तेज अदालतें बनाई जाएंगी। संबंधित अधिकारियों को सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।" उन्होंने आगे कहा, "यह छात्रों के हितों की रक्षा के लिए उठाए गए कदमों की कड़ी है। जो भी युवाओं का भविष्य खराब करने की कोशिश करेगा उसे बख्शा नहीं जाएगा" प्रधानमंत्री ने इसे "घोर पाप" बताया और कहा कि यह राष्ट्रीय मुद्दा है, किसी एक राज्य या केंद्र का मामला नहीं है। सरकार ने बताया कि पेपर लीक के बढ़ते मामलों को देखते हुए औरंगाबाद, नागपुर, कोलकाता और जबलपुर सहित अन्य स्थानों पर तेज अदालतें स्थापित की जाएंगी। इन अदालतों में पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर होगी। तेज अदालतों का मकसद लंबे समय तक चलने वाले मुकदमों को जल्दी निपटाना है ताकि दोषियों को तुरंत सजा मिल सके।

पृष्ठभूमि क्या है?

पिछले कुछ समय से नीट और अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। इससे लाखों छात्र प्रभावित हुए हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की मांग है कि शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। विपक्ष ने भी संसद में इस मुद्दे को उठाया है।

सरकार के अन्य कदम

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार सभी पक्षों से बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों से मिलकर उनकी बातें लिखित में मांगी हैं। सरकार ने कहा कि पेपर लीक को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। संसद इस पर चर्चा के लिए सबसे उपयुक्त स्थान है।

छात्रों और विपक्ष की प्रतिक्रिया

छात्र संगठनों ने कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, प्रदर्शन जारी रहेगा। उनका कहना है कि पेपर लीक के कारण कई छात्रों ने आत्महत्या भी की है। सरकार ने छात्रों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और संवाद के माध्यम से समाधान निकालें।
 

अन्य खबरे