स्केटिंग में २ बालकों ने किया भारत का नाम रौशन
सौम्य सिंह/in24 न्यूज़
भारत की युवा पीढ़ी नई बुलंदियों को छूने का माद्दा रखती है। आप यह जानकार अचंभित हो सकते हैं कि आँख पर पट्टी बांधकर कोई कैसे देख सकता है! लेकिन यह कारनामा जीत त्रिवेदी नामक भावनगर गुजरात के रहनेवाले युवा ने नामुमकिन को मुमकिन कर दिया।
आपको बता दें कि जीत दूरदर्शिता के जरिए बंद आंखों से भी दुनिया देख सकता है। सुनने में भले ही हैरानी होगी लेकिन यह हक़ीक़त है. सुनिए इस करतब के बारे में खुद जीत का क्या कहना है. जीत के अलावा एक और युवा जश सरोडे अपने करतब से हैरान कर देते हैं क्योंकि जो कमाल इंसान समतल जमीन पर नहीं कर पाता और जिसे करने में अच्छे अच्छों के पसीने छूट जाते हैं, जश स्केट्स पहन कर होला हूप पलक झपकते शुरू कर देता है.
वह भी एक या दो मिनट नहीं बल्कि पूरे पांच किलोमीटर तक स्केट्स करते हुए यह पराक्रम कर सकता है। इस मौके पर एशिया हेड ऑफ़ गोल्डन बुक ऑफ़ रिकार्ड्स की तरफ से डॉ मनीष विश्नोई ने इन दोनों युवाओं की प्रतिभाओं पर अपनी व्यक्तिगत राय दी।
आपको बता दें कि यह बच्चे अपने करतब के साथ ही स्वच्छ भारत अभियान का प्रमोशन भी कर रहे हैं। इन बच्चों की प्रतिभा से देश की युवा पीढ़ी ख़ासा प्रभावित होगी और प्रेरणा भी लेगी क्योंकि इनके हौसले किसी से किसी भी मामले में कम नहीं है.