दहिसर बैंक लूट मामले में दोनों आरोपी मात्र 4 घंटे में हुए गिरफ्तार
30 Dec, 2021
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संवाददाता/ in24 न्यूज़
मुंबई (mumbai) समेत पूरे महाराष्ट्र (maharashtra) में कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है तो वहीं आपराधिक गतिविधियों में भी लगातार इजाफा हो रहा है. इसी कड़ी में उत्तर मुंबई के अंतर्गत आने वाले दहिसर इलाके में उस समय सनसनी फ़ैल गयी जब देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई में दो नकाबपोश हथियार के घुस आये। उनका मंसूबा था लूट की वारदात को अंजाम देने का, इसलिए बेख़ौफ़ होकर किसी फ़िल्मी स्टाइल में वे दोनों नकाबपोश स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (sbi bank) में घुसे और सीधे कॅश काउंटर के पास पहुंचे। उन्होंने कैशियर पर बन्दूक तानते हुए उन्होंने अपने साथ लाये बैग में रुपयों को भरना शुरू किया लेकिन इसी बीच बैंक में निजी तौर पर काम करने वाला एक कर्मचारी उनके पास पहुंचा और उसने कथित लूटेरों का विरोध किया। कथित निजी कर्मचारी का नाम संदेश गोमरे बताया जा रहा है, जिसे विरोध करने पर कथित बदमाशों ने गोली मार दी, कथित बदमाशों की बंदूक से निकली गोली से संदेश गोमरे के अलावा एक शख्स और घायल हुआ है जो बैंक का सुरक्षा गार्ड बताया जा रहा है जिसे आनन -फानन में शताब्दी अस्पताल (shtabadi hospital) पहुँचाया गया जहां उसकी स्थिति फिलहाल बताई जा रही है लेकिन बुरी तरह से घायल संतोष गोमरे की अस्पताल में मौत हो गयी. वहीं दूसरी तरफ एसबीआई की दहिसर पश्चिम शाखा से कथित लूटेरों ने लगभग ढाई लाख रुपये की नकदी लूट ली और मौके से फरार हो गए.
एसबीआई बैंक में दिन दहाड़े हुई लूट की वारदात का एक एक मंजर बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है. इस सनसनीखेज वारदात की खबर मिलते ही मुंबई पुलिस के उत्तर प्रादेशिक विभाग के एडिशनल पुलिस कमिश्नर प्रवीण पडवल मौके पर पहुंचे और स्थिति निरिक्षण करते हुए उन्होंने कथित लूटेरों की गिरफ्तारी के तत्काल आदेश दिए , जिसके बाद पुलिस ने उत्तर मुंबई के सभी रास्तों पर नाकाबंदी लगाईं और अपने मुखबिरों को भी अलर्ट कर दिया, जिसका नतीजा ये निकला कि कुछ घंटे की जद्दोजहद में पुलिस ने आखिरकार दोनों पूटेरों को धर दबोचा। जिसके बाद फरार लूटेरों के खिलाफ की गयी इस कार्रवाई को लेकर पूरे मुंबई शहर में मुंबई पुलिस (mumbai police) की तारीफ़ हो रही है.
बताया जा रहा है कि जिस कर्मचारी की मौत हुई उसका नाम संदेश गोमरे है, जो विरार का रहने वाला था। वह बैंक में प्राइवेट कर्मचारी के तौर पर कार्यरत था। उसे घायल अवस्था में शताब्दी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जबकि दूसरा घायल शख्स बैंक का सिक्योरिटी गार्ड है जिसका इलाज अभी जारी है. उत्तर मुंबई प्रादेशिक विभाग के अपर पुलिस आयुक्त प्रवीण पडवल समेत पूरे जोन की पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी जिसमें एडिशनल कमिश्नर प्रवीण पडवल के निर्देश पर आठ टीमें गठित की गयी जिसमे आखिरकार पुलिस को सफलता मिल ही गयी लेकिन साल 2021 के आखिर सप्ताह में हुई बैंक डकैती से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है.