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आनेवाले समय में मुंबई के डूबने का खतरा

13 Jun, 2022 856

संवाददाता/in24 न्यूज़. 

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई पर ग्लोबल वॉर्मिंग और समंदर के बढ़ते जल स्तर का काफी भयंकर परिणाम हो सकता है।  इस खतरे की वजह से दुनिया भर के कई शहर भविष्य में पानी में समा सकते हैं. इसमें भारत के एक शहर का नाम भी शामिल है. दरअसल, मायानगरी मुंबई पर भविष्य में समंदर में डूबने का खतरा मंडरा रहा है. इस बात का जिक्र कई बार इंटरनैशनल स्टडी किया जा चुका है. लेकिन इस बार अमेरिका में हुए एक शोध में भी इस बात का जिक्र किया गया है कि मुंबई निकट भविष्य में समंदर में समा जाएगा. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब एक हालिया स्टडी में दावा किया गया है कि मुंबई शहर हर साल 2 मिलीमीटर की रफ्तार से नीचे धंस रहा है. करीब 19 वर्ग किलोमीटर का इलाका तो इससे भी कहीं ज्यादा, 8.45 मिमी प्रति वर्ष की तेजी से नीचे डूब रहा है. इस स्टडी के अलावा आईआईटी बॉम्बे की एक रिसर्च में भी दावा किया गया है कि शहर के नीचे बैठने का सालाना औसत 28.8 मिमी है. इसमें ये भी बताया गया है कि मुंबई के किन इलाकों को ज्यादा खतरा है. बता दें कि जियोफिजिकल रिसर्च लैटर जर्नल में मार्च में छपी स्टडी में दुनिया के 99 देशों के 2016 से 2020 के सैटलाइट डाटा का InSAR मैथड से अध्ययन करके नतीजे प्रकाशित किए गए हैं.अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ रॉड आइलैंड के वैज्ञानिकों की इस स्टडी के मुताबिक, चीन का तियानजिन शहर दुनिया में सबसे ज्यादा तेजी से डूब रहा है. इसके धंसने की रफ्तार 5.2 सेंटीमीटर सालाना है. तियानजिन के अलावा इंडोनेशिया में सेमारंग के डूबने की रफ्तार 3.96 सेमी प्रति वर्ष है वहीं राजधानी जकार्ता 3.44 सेमी प्रति वर्ष की रफ्तार से डूब रहा है. वहीं चीन के शहर शंघाई की रफ्तार 2.94 सेमी तो और वियतनाम के हो ची मिन्ह शहर के डूबने की गति 2.81 सेमी प्रति वर्ष है. इसके अलावा और हनोई 2.44 सेमी की रफ्तार से डूब रहा है. इस स्टडी में भारत के दूसरे सबसे ज्यादा आबादी वाले शहर मुंबई के बारे में कहा गया है कि मुंबई के समुद्र तल से 10 मीटर से कम ऊंचाई वाले करीब 46 वर्ग किमी के इलाके में से 19 वर्ग किमी का इलाका ऐसा है, जो 8.45 मिमी सालाना तक की रफ्तार से डूब रहा है. दुनिया के बाकी देशों के मुकाबले मुंबई के डूबने की रफ्तार औसतन कम है, लेकिन समय के साथ समुद्र के जलस्तर में वृद्धि और अत्यधिक बारिश की वजह से इसका असर बढ़ सकता है. इसके साथ ही हालिया स्टडी बताती हैं कि ग्लोबल वार्मिंग की वजह से अरब सागर का जलस्तर 0.5 से लेकर 3 मिमी सालाना की दर से बढ़ रहा है. इस लिहाज से देखा जाए तो जितनी तेजी से जलस्तर बढ़ रहा है, उससे कहीं तेजी से मुंबई के कुछ इलाके नीचे बैठते जा रहे हैं जो खतरे को दोगुना कर देता है. एचटी के मुताबिक, मुंबई के लगातार पानी में डूबने की ये घटना भूमि अवतलन नाम की एक भूगर्भीय प्रक्रिया की वजह से हो रही है. भूमि अवतलन में पृथ्वी की सतह नीचे की ओर बैठती चली जाती है. ऐसा बड़े पैमाने पर ग्राउंडवाटर निकालने, खनन, नेचुरल वेटलैंड्स, इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्टों और पारिस्थितिक गड़बड़ी के कारण होता है. इसका कोई उपाय नहीं है, हालांकि इसकी रफ्तार कम की जा सकती है. वहीं एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि आने वाले समय में मुंबई में बाढ़ जैसे हालात ज्यादा बन सकते हैं. इस समस्या से निपटने के लिए नगर निगम और शहरी प्लानर्स को तुरंत उपाय करने की जरूरत है. अब देखना होगा कि मुंबई की सुरक्षा के लिए प्रशासन की तरफ से किस तरह की व्यवस्था की जाती है. 

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