कब कानून की गिरफ्त में आएंगे 20 जिंदगियों के गुनहगार?
बीते दिनों ठाणे जिले के अंतर्गत आने वाले शाहपुर तहसील के सरलांबे गांव में समृद्धि एक्सप्रेस वे के निर्माण कार्य के दौरान गर्डर लॉन्चिंग मशीन गिरने से हुए हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है. गर्डर मशीन से के नीचे दबने से तीन लोग घायल बताए जा रहें हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है. वहीं घटना स्थल पर पहुंचे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पूरे हादसे की जानकारी ली है. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घटना को लेकर उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं. शाहपुर पुलिस ने भी आईपीसी की धारा 304 के तहत मुकदमा दर्ज कर बड़ी बारीकी से इस पूरे मामले की जांच कर रही है. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को केंद्र सरकार की तरफ से 2 लाख, राज्य सरकार की तरफ से पांच लाख का मुआवजा दिया जाएगा. इसके अलावा निर्माण कार्य की जिम्मेदारी संभाल रही वीएसएल और नवयुगा कंपनी की तरफ से भी पांच पांच लाख की आर्थिक मदद पीड़ित परिवारों को दी जाएगी. भले ही हादसे की जांच के आदेश दिए गए हों, भले ही पीड़ित परिवारों को मुआवजे का मरहम लगाया जा रहा है लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर हादसे के जिम्मेदार कौन हैं? और किसी वजह से इतने लोगों की जान गई है?. बताया जा रहा है कि सुरक्षा के पर्याप्त इंजमाम ना होने के कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ है. ऐसे में सवाल ये है कि निर्माण कार्य कर रही कंपनियों की तरफ से इतनी बड़ी लापरवाही क्यों बरती गई.