मराठा आरक्षण के प्रदर्शनकारियों की सेहत का रखा जाए ध्यान- बॉम्बे हाईकोर्ट
महाराष्ट्र में मराठा समुदाय को आरक्षण दिये जाने की मांग को लेकर राज्यभर में आंदोलन चल रहा है। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे दो हफ्ते से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। भूख हड़ताल के बीच बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को महाराष्ट्र सरकार से यह सुनिश्चित करने को कहा कि आंदोलन के बीच राज्य में कानून-व्यवस्था बनी रहे और प्रदर्शनकारियों के स्वास्थ्य को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचे। मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति अरुण पेडनेकर की खंडपीठ ने मराठा समुदाय के सदस्यों द्वारा चल रहे विरोध प्रदर्शन के संबंध में नीलेश शिंदे द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। कुछ दिनों पहले जालना जिले के सारथी गांव में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर एकत्रित हुए प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था। वहीं, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले भी दागे थे। इस मामले पर शिवसेना उद्धव गुट ने शिंदे सरकार पर जमकर हमला बोला था.