कोहरे की कहर पर एनजीटी ने लगाई दिल्ली सरकार को फटकार
दिल्ली में स्मॉग और जहरीली हवा के मुद्दे पर दिल्ली हाई कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाई है। आज सुनवाई के दौरान जहां दिल्ली हाईकोर्ट ने पर्यावरण मंत्रालय को आपात बैठक बुलाने का आदेश दिया तो वहीं, एनजीटी ने दिल्ली समेत पंजाब, हरियाणा, यूपी और राजस्थान सरकार को भी खरी खोटी सुनाई। आपको बता दे कि कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में खतरनाक प्रदूषण पर 3 दिन में पर्यावरण मंत्रालय को इमरजेंसी मीटिंग बुलाने का आदेश दिया है और साथ ही सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से राजधानी में दोबारा ऑड-इवन पर विचार करने को भी कहा है।
कोर्ट ने प्रदूषण को रोकने के लिए इंतज़ाम करने के आदेश दिए हैं, जिनमें दिल्ली में कृतिम बारिश करने की भी बात कही है। एनजीटी ने कहा कि प्रदूषण पर लगाम लगाने में सभी संस्थाएं नाकाम साबित हुई हैं और उन्होंने अपनी जिम्मेदारी ढंग से नहीं निभाई जबकि यह सबका सामूहिक दायित्व था। एनजीटी ने कहा कि CPCB की रिपोर्ट देखकर यह साफ़ पता चलता है कि दिल्ली-एनसीआर की हवा में प्रदूषण का स्तर काफी हद तक बढ़ गया है। पीएम-10 के स्तर में भारी इजाफा हुआ है और पिछले कुछ सप्ताह के दौरान पीएम के स्तर में लगातार बढ़ोतरी हुई है। सुनवाई में एनजीटी ने दिल्ली सरकार से कहा कि वह प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए ठोस कदम उठाए और नियमों को तोड़ने वालों के चालान काटे जाएं साथ ही निर्माणाधीन साइट्स पर काम भी रोका जाए।
एनजीटी ने यह भी कहा कि क्या हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल कर आर्टिफिशियली बारिश नहीं करवाई जा सकती है ? इससे पहले हुई सुनवाई में एनजीटी ने दिल्ली सरकार से पूछा था कि क्या उसके पास स्मॉग कम होने से संबंधित कोई भी आंकड़ा मौजूद है ? इसके साथ ही यह सवाल भी किया कि पानी का छिड़काव क्रेन के बजाए हेलिकॉप्टर से क्यों नहीं किया जा रहा है ? आपको बता दें कि दिल्ली में 7 दिनों तक किसी भी तरह के निर्माण कार्य पर भी रोक लगा दी गई है।