अग्निवीर के खिलाफ करोड़ों का नुकसान करने वालों के ख़िलाफ़ नहीं होगी कार्रवाई : पटना हाईकोर्ट
संवाददाता/in24 न्यूज़.
पटना हाईकोर्ट ने बिहार में अग्निपथ योजना मामले में एक बड़ा फैसला दिया है। कुछ ही दिनों में करोड़ों की संपत्ति को प्रदर्शनकारियों ने फूंक दिया था। ऐसे में उत्पात मचाने वालों से इस नुक्सान की भरपाई करने की याचिका कोर्ट में दाखिल की गई थी। लेकिन इसे पटना हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। पटना सरकारी संपत्ति के हुए नुकसान की भरपाई उपद्रवियों से करने की मांग करने वाली जनहित याचिका को खारिज कर दिया है। याचिका में छात्रों को भड़काने और अराजकता फैलाने वाले तत्वों की मदद करने वाले लोगों की जांच करने की भी मांग की गई थी। पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति एस कुमार की खंडपीठ ने शुक्रवार को इस मामले पर सुनवाई करते हुए बताया कि जिम्मेदार अधिकारी उग्र आंदोलन को रोकने में नाकामयाब रहे। इस कारण कई सौ करोड़ रुपये की सरकारी संपत्ति को नष्ट किया गया। उनका कहना था कि इस आंदोलन में क्षतिग्रस्त संपत्ति का आंकलन कर आंदोलनकारियों से पैसों की वसूली की जाए। साथ ही इस आंदोलन में भाग लेने वाली राजनीतिक पार्टियों पर भी जुर्माना लगाया जाए। बता दें कि केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के खिलाफ पूरे देश में हिंसक घटनाएं हुई थी। विरोध के नाम कर करोड़ों की संपत्ति को प्रदर्शनकारियों ने ख़ाक कर दिया था। इसका सबसे अधिक नुक्सान रेलवे को हुआ था। बता दें कि अग्निवीर योजना का विरोध विपक्षी दलों द्वारा भी जमकर किया गया।