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आकाशीय बिजली ने ली असम में 18 हाथियों की जान

14 May, 2021 759

संवाददाता/in24 न्यूज़.  
कोरोना संक्रमण के बीच कुदरत के कहर से असम के नगांव जिले में जंगल में आकाशीय बिजली गिरने से 18 हाथियों की मौत हो गई। दो झुंडों में हाथियों के शव मिले। इनमें से 14 शव पहाड़ी के ऊपर जबकि चार पहाड़ी के निचले हिस्से में मिले। असम के प्रधान मुख्य वन संरक्षक अमित सहाय ने कहा कि नागांव-कर्बी आंगलोंग सीमा के पास एक जंगली पहाड़ी के ऊपर ये हादसा हुआ है। ये काफी दूर और दुर्गम इलाका है। वन विभाग की टीम को पहुंचने में 24 घंटे का समय लगा। प्राथमिक जांच के आधार पर पता चला है कि आसमानी बिजली गिरने की वजह से इन हाथियों तेज झटका आया जिससे इनकी मौत हो गई। सही वजह का पता शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद चलेगा। खबर है कि इससे पहले कभी सुनने में नहीं आया कि वज्रपात होने से डेढ़ दर्जन हाथियों की मौत हो गई हो। शुक्रवार यानी 14 मई को वेटरिनरी डॉक्टरों की टीम इस इलाके की ओर गई है ताकि इन हाथियों का पोस्ट मार्टम कर सकें। अमित सहाय ने कहा कि ऐसा कम ही देखने को मिलता है जब इतनी बड़ी संख्या में हाथी एक साथ मारे जाएं। चुंकि, हाथी हमेशा झुंड में रहते हैं तो ऐसा संभव हो सकता है। जब भी तूफान आता है या तेज बारिश होती है तब ये एकसाथ कहीं छिपने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि मैंने डिस्ट्रिक्ट फॉरेस्ट अफसर को इस मामले की और जांच करने को कहा है। ये भी पता करने को कहा है कि इसमें से कितने नर थे और कितनी मादाएं। इसमें थोड़ा समय लगेगा। नागांव के डिप्टी फॉरेस्ट ऑफिसर बिनोद दुलू बोरा ने कहा कि वन विभाग वेटरिनरी डॉक्टरों की मदद से पोस्टमॉर्टम करेगा। फिलहाल वन विभाग की टीम इस मामले की विभागीय जांच कर रही है। स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने रात भर हाथियों के अप्राकृतिक तरीके से चिल्लाने का आवाज सुनी। धीरे-धीरे करके आवाज कम होती चली गई। सुबह होने तक सब शांत था। असम के मुख्यमंत्री हिमांता बिस्वा शर्मा ने इस मामले पर चिंता जताई। बहरहाल, इस हादसे ने साफ़ कर दिया है कि कुदरत के कहर से कब क्या हो जाए कोई नहीं जानता!

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