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इंजन बंद होने के बावजूद चंद्रमा पर लैंडिंग कर सकता है चंद्रयान-3 !

09 Aug, 2023 739

ब्यूरो रिपोर्ट/in24न्यूज़/मुंबई    

देश में चंद्रयान-3 को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसमें बताया जा रहा है कि चंद्रयान-3 ने कई पड़ाव पार करते हुए चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश किया. जिसके बाद चंद्रयान-3 द्वारा हमें चांद की तस्वीरें भी देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. चंद्रयान-3 अंतरिक्ष में 14 जुलाई को प्रक्षेपित हुआ और 5 अगस्त को यह चंद्रमा की कक्षा में पहुंचा. अब यह यान 23 अगस्त को चंद्रमा की सतह पर "सॉफ्ट लैंडिंग" करेगा, ऐसी जानकारी वैज्ञानिकों द्वारा दी जा रही है. फिलहाल तो चंद्रयान-3 के दोनों इंजन पूरी तरह से काम कर रहे है, लेकिन तब क्या होगा, जब चांद पर पहुंचने से पहले ही यह इंजन काम करना बंद कर दे? इस सवाल का जवाब देते हुए भारतीय अंतरिक्ष संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने मंगलवार के दिन ऐसा दावा किया, जिसे सुनकर सभी भारतीयों का चेहरा खिल उठे. इसरो अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने कहा कि, लैंडर 'विक्रम' (चंद्रयान-3) का पूरा डिजाइन इस तरह बनाया गया है कि दोनों इंजन काम न करने के बावजूद भी चंद्रयान-3 चंद्रमा की सतह पर आसानी से लैंड कर सकता है. सोमनाथ ने कहा कि, 'यदि सब कुछ विफल हो जाता है, या सभी सेंसर नाकाम हो जाते है, और वह कोई काम करने की स्थिति में ना रहें तब भी विक्रम (चंद्रयान-3) चंद्रमा पर लैंडिंग करेगा'. चंद्रयान-3, 14 जुलाई को लॉन्च किया गया और उसने पांच अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश कर लिया. अब इस यान को चंद्रमा के और करीब लाने के लिए तीन और डी-ऑर्बिटिंग की कवायद होगी - ताकि विक्रम 23 अगस्त को चंद्रमा की सतह तक आसानी से पहुंच सके. साथ ही सोमनाथ ने यह भी जानकारी दी कि इस डी-ऑर्बिटिंग की प्रक्रिया 9 अगस्त, 14 अगस्त और 16 अगस्त को होगी.
           इसरो अध्यक्ष सोमनाथ ने एक दिन पहले ही यह जानकारी दी कि चंद्रयान-3 फिलहाल बेहतर स्थिति में है और इसका सर्वाधिक महत्वपूर्ण चरण अब चंद्रमा की कक्षा में एक निर्धारण प्रक्रिया होगी, जब अंतरिक्ष यान 100 किलोमीटर की वृत्ताकार कक्षा से चंद्रमा के करीब जाना शुरू करेगा. बता दें कि प्रक्षेपण यान मार्क-3 रॉकेट से 14 जुलाई को प्रक्षेपित किया गया था, जो अब चंद्रमा की 4,313 किलोमीटर (किमी) दीर्घवृत्ताकार कक्षा में मौजूद है और इसे 100 किमी की वृत्ताकार कक्षा में ले जाने के लिए 9 से 17 अगस्त के बीच सिलसिलेवार प्रक्रिया किये जाने की जरूरत है.

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