कोरोना से इमरजेंसी जैसे माहौल में सुप्रीम कोर्ट ने मांगा केंद्र से प्लान
संवाददाता/in24 न्यूज़.
आज पूरी दुनिया कोरोना महामारी से परेशान है। भारत में रोज़ाना कोरोना के बढ़ते केसों और अस्पतालों में ऑक्सीजन के साथ दवाइयों की कमी पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपना लिया है। कोर्ट ने आज इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा कि केंद्र से पूछा है कि उनके पास कोविड-19 से निपटने के लिए क्या नेशनल प्लान है? कोर्ट ने हरीश साल्वे को एमिकस क्यूरी भी नियुक्त किया है? इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार को नोटिस भेजा। कोर्ट ने ऑक्सीजन की सप्लाई, दवाओं की सप्लाई, वैक्सीन देने का तरीका और प्रक्रिया और लॉकडाउन करने का अधिकार सिर्फ राज्य सरकार को हो, कोर्ट को नहीं, जैसे विषयों पर केंद्र सरकार से नेशनल प्लान मांगा है। शीर्ष अदालत के चीफ जस्टिस ने कहा कि देश में कोविड से हालात नेशनल इमरजेंसी जैसे हो गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर अलग-अलग राज्यों में हो रही सुनवाइयों पर कहा कि दिल्ली, मध्य प्रदेश, मुंबई, कलकत्ता, सिक्किम और इलाहाबाद हाईकोर्ट मामले की सुनवाई कर रहे हैं, हालांकि वो अच्छे हित के लिए सुनवाई कर रहे हैं, लेकिन इससे भ्रम हो रहा है और संसाधन डाइवर्ट हो रहे हैं। बता दें कि कोरोना से जुडी सुविधाओं की कमी भी लगातार सामने आ रही है।