टीन एज में कुंवारी लड़कियां हो रही हैं यहां गर्भवती
संवाददाता/in24 न्यूज़.
उत्तर प्रदेश के कानपुर में स्वास्थ्य विभाग के जागरुकता अभियान को टीन एज लड़कियां ठेंगा दिखा रही हैं। किशोरियों की शादी और 18 वर्ष की उम्र से पहले मां बनने के मामले में तेजी से हो रही वृद्धि सामने आई है। शादी से पहले मां बनने वाली किशोरियों की संख्या बढ़ने का खुलासा राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य की सर्वे रिपोर्ट-पांच में हुआ है। जिले में 15 से 19 साल की उम्र की 3.4 फीसदी किशोरियां और युवतियां मां बन चुकी हैं या गर्भवती हैं, जबकि पांच साल पहले हुए सर्वे की रिपोर्ट में यह आंकड़ा 1.4 फीसदी ही था। चिकित्सकों के मुताबिक किशोरावस्था में मां बनने वाली लड़कियां अपनी जिंदगी को खतरे में डाल रही हैं। किशोरावस्था में गर्भ धारण करने पर मां और बच्चे दोनों की जान को खतरा काफी बढ़ जाता है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कानपुर में 15 से 19 साल (टीन एज) की गर्भवती किशोरियों व युवतियों को लेकर सर्वेक्षण किया था। इसमें पाया गया कि परिवार और समाज के डर से ऐसे अधिकतर मामलों में परिजन गर्भपात कराना ही उचित समझते हैं, जबकि अनेक मामलों में किशोरी या युवती को प्री-मेच्योर डिलीवरी का सामना करना पड़ता है। कम उम्र में गर्भधारण से बच्चे को ठीक से पोषण नहीं मिल पाता है। गर्भ में भ्रूण का ठीक से विकास नहीं होता है। इस कारण अक्सर बच्चे मानसिक रूप से विकृत पैदा होते हैं। सामाजिक सर्वेक्षण के मुताबिक, कम उम्र में विवाह बंधन में धकेल दी जाने वाली एक चौथाई लड़कियां प्राथमिक शिक्षा से आगे नहीं पढ़ी होती हैं, जबकि जल्दी शादी करने वाली एक तिहाई लड़कियां हाईस्कूल से ज्यादा शिक्षित नहीं होती हैं। चिकित्सकों के मुताबिक किशोरावस्था में मां बनने वाली लड़कियां अपनी जिंदगी को खतरे में डाल रही हैं। बता दें कि इस मामले में और जागरुकता ही इस समस्या पर लगाम लगा सकती है।