बाबा रामदेव को आईएमए ने दी बहस की चुनौती
संवाददाता/in24 न्यूज़.
अपने एलोपैथी दवा वाले बयान के बाद बाबा रामदेव सुर्ख़ियों में बने हुए हैं और साथ ही उनके और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। आईएमए उत्तराखंड ने बाबा रामदेव को पतंजलि की दवाओं से एलोपैथी अस्पतालों में ट्रीटमेंट के बारे में बहस करने के लिए कहा है। आईएमए ने उनसे पूछा है कि कौन से एलोपैथिक अस्पतालों ने इलाज के लिए पतंजलि की दवाएं दी हैं। इस बाबत आईएमए ने बाबा रामदेव को सार्वजनिक रूप से पैनल डिस्कशन के साथ बहस के लिए चुनौती दी है। दरअसल बाबा रामदेव साधकों के साथ प्रतिदिन योग शिविर लगाते हैं। शुक्रवार को शिविर के दौरान उन्होंने कहा कि एलोपैथी तो 200 साल पुराना बच्चा है। योग और आयुर्वेद से बीमारियों का स्थायी समाधान है। बाबा रामदेव के एलोपैथी विवाद के विरोध में शुक्रवार को युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ के बाहर धरने पर बैठ गए थे। इस दौरान उन्होंने बाबा रामदेव की गिरफ्तारी की मांग की और उनके विरोध में नारेबाजी की। दो दिन पहले ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ जे ए जयलाल ने अपने रुख में नरमी दिखाते हुए दो दिन पहले ही कहा था कि अगर रामदेव कोरोना टीकाकरण और आधुनिक चिकित्सा के खिलाफ अपने बयान वापस ले लेते हैं तो उनके खिलाफ भेजे गए नोटिसों को वापस लेने पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि योगगुरु बाबा रामदेव के खिलाफ हमारे मन में कुछ नहीं है। उनके बयान कोविड-19 के लिए टीकाकरण के खिलाफ हैं। हमें लगता है कि उनके बयान लोगों को भ्रम में डाल सकते हैं, उन्हें भटका सकते हैं। यह हमारे लिए बड़ी चिंता की बात है क्योंकि उनके अनेक अनुयायी हैं। रामदेव के आधुनिक चिकित्सा और कोविड-19 को लेकर बयान वापस लिए जाने के बारे में उन्होंने कहा कि इसे पूरी तरह वापस लेना होगा। डॉ जयलाल ने कहा कि अगर रामदेव ऐसे बयान पूरी तरह वापस लेते हैं तो आईएमए उनके खिलाफ पुलिस में दर्ज शिकायतों को तथा उन्हें भेजे गये मानहानि के नोटिस को वापस लेने पर विचार करेगा। इस बारे में बाबा रामदेव इस चुनौती को अपनाते हैं या नहीं, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है।