भगवान हनुमान की जन्मस्थली को लेकर साधु-संत-महात्मा में हुई भिड़ंत
संवाददाता/in24 न्यूज़.
महाराष्ट्र के नासिक में आयोजित धर्म संसद में भगवान हनुमान की जन्मस्थली को लेकर अपने विचार देने पहुंचे साधु-संत-महात्मा आपस में ही भिड़ गए. हनुमान जी ने कहां जन्म लिया- ये बात तो बस बात ही रह गई. दरअसल भगवान हनुमान के जन्मस्थान को लेकर मगंलवार को नासिक में एक धर्म संसद आयोजित की गई थी इसमें शामिल होने के लिए त्रयम्बकेश्वर, कर्नाटक और सोलापुर के करीब 20-25 साधु-संत पहुंचे थे और अपने-अपने विचार रखने वाले साधु-संत देखते ही देखते आपस में ही उलझ गए. मामला हाथापाई तक जा पहुंचा, इतना ही नहीं एक संत ने दूसरे संत पर माइक लेकर हमला करने की भी कोशिश की. भगवान हनुमान जी का जन्मस्थल अंजनेरी है या किष्कंधा इसको लेकर पिछले कुछ दिनों से विवाद शुरू हुआ है. किष्कंधा के मठाधीपती सरस्वती गोविंदगिरी महाराज ने हनुमान जन्मस्थल पर सवाल खड़े करने और दावों के साथ चैलेंज करने पर नासिक में धर्म संसद का आयोजन किया गया था. इसमें तय होना था कि हनुमान जी का जन्म आखिर कहां हुआ. इस मुद्दे पर साधु-संत शास्त्रार्थ कर ही रहे थे कि इसी दौरान नासिक के कालाराम मंदिर के महंत सुधीरदास और कर्नाटक के किष्किंधा के महंत के बीच इस बात को लेकर बहस हो गई कि जब नासिक के संतों ने जब पूछा कि गोविंदानंद सरस्वती किसके शिष्य हैं? तब उन्होंने जगतगुरु शंकराचार्य का नाम लिया, जिस पर सुधीरदास पुजारी नाम के संत ने कहा कि वो तो कांग्रेस को समर्थन करते हैं. इतना सुनना था कि इस पर गोविंदानंद सरस्वती ने उंगली दिखाते हुए कहा कि आप उन्हें कांग्रेसी बोल रहे हैं. आप की हिम्मत कैसे हुई? माफी मांगिए. जिसके बाद सुधीरदास ने गोविंदानंद को मारने के लिए मीडिया का माइक उठा लिया. इसके बाद तो सभा में जबर्दस्त हंगामा हुआ. हालांकि बीच-बचाव करते हुए बाकी संतों ने हालात को कंट्रोल किया और दोनों को समझाया गया. शास्त्रार्थ में 3 घंटे तक चर्चा चलने पर भी कोई समाधान नहीं निकला इसके बाद धर्म संसद को रद्द कर दिया गया.