राष्ट्रद्रोह मामले में पत्रकार विनोद दुआ को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत
संवाददाता/in24 न्यूज़.
राष्ट्रद्रोह मामले में वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। विनोद दुआ पर दर्ज की गई राजद्रोह की एफआईआर को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। पत्रकार विनोद दुआ के खिलाफ हिमाचल प्रदेश में राजद्रोह का मुकदमा दर्ज कराया गया था। गौरतलब है कि पत्रकार विनोद दुआ ने अपने खिलाफ दर्ज कराई गई एफआईआर को रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिस पर कोर्ट ने आज फैसला सुनाया है। बता दें कि सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हर पत्रकार कानूनी रूप से सुरक्षा मिलने का अधिकार रखता है। दरअसल, हिमाचल प्रदेश के शिमला में पत्रकार विनोद दुआ पर राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। आरोप था कि विनोद दुआ ने अपने यू-ट्यूब चैनल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ टिप्पणी की थी। इसी को लेकर विनोद दुआ ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। विनोद दुआ ने उनपर दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी, साथ ही पत्रकारों के खिलाफ दर्ज राजद्रोह के मामलों की जांच के लिए एक कमेटी की गठन की अपील की गई थी। गुरुवार को अपना फैसला सुनाते हुए सर्वोच्च अदालत ने विनोद दुआ पर दर्ज एफआईआर को निरस्त कर दिया है। हालांकि, अदालत ने दूसरी याचिका को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी पत्रकार इस तरह के राजद्रोह के मामलों में सुरक्षा प्राप्ति के अधिकारी हैं। अदालत ने केदारनाथ सिंह मामले का जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह की धाराएं तभी लगानी चाहिए जब किसी की कोशिश शांति को बिगाड़ने और अराजकता पैदा करने की हो। बता दें कि इस मामले की सुनवाई जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस विनीत सरन की बेंच कर रही थी। जाहिर है सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पत्रकार विनोद दुआ के उत्साह में अब और वृद्धि देखी जा सकेगी।