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समान लिंग के साथ लिव इन में रहने वाली दो प्रेमिकाओं को हाई कोर्ट से बड़ी राहत

18 Aug, 2023 895

संवाददाता/in24 न्यूज़.
सहमति संबंध में सुरक्षा की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट ने कहा कि समान लिंग वाले लोगों का लिव इन रिलेशनशिप में रहना कानूनी अपराध नहीं है। हाईकोर्ट ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद-21 तब तक देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन और स्वतंत्रता रक्षा करता है, जब तक उसे कानून से वंचित न किया गया हो। गौरतलब है कि याचिका दाखिल करते हुए जालंधर निवासी दो प्रेमिकाओं ने सहमति संबंध में होने की बात कहते हुए जीवन का खतरा बताते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से सुरक्षा की गुहार लगाई थी। प्रेमी जोड़े ने बताया था कि वह एक-दूसरे से प्रेम करती हैं और पिछले चार साल से सहमति संबंध में रह रही हैं। हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता को सुनने के बाद कहा कि यह निर्विवाद है कि याचिकाकर्ताओं की आयु 18 वर्ष से अधिक है और इस प्रकार वे वयस्क हैं। हाईकोर्ट की तरफ से कहा गया कि समान लिंग वालों का लिव-इन रिलेशनशिप में साथ रहना कानून के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन नहीं है। प्यार, आकर्षण और स्नेह की कोई सीमा नहीं होती है, यहां तक की लिंग की भी कोई सीमा नहीं होती है। सभी को अपनी इच्छानुसार जीवन जीने का अधिकार है। हाईकोर्ट ने कहा कि जान से खतरे के आरोप अगर सच निकलते हैं तो इससे किसी के जीवन को अपूरणीय क्षति हो सकती है। हाईकोर्ट ने जालंधर एसएसपी को दो सप्ताह तक महिला सुरक्षाकर्मी उपलब्ध करवाने का आदेश दिया है। वहीं प्रतिदिन के हिसाब से उनकी सुरक्षा की समीक्षा करने का आदेश भी दिया है। है कोर्ट के आदेश के बाद प्रेमी जोड़े ने राहत की सांस ली है।

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