सरकार फेक न्यूज़ पर लगाएगी लगाम : रिजिजू
संवाददाता/in24 न्यूज़।
फेक न्यूज़ (fake news) को लेकर सरकार गंभीर है। कानून मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने रविवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि फर्जी, झूठी और भ्रामक खबरों को निर्धारित करने के लिए नियमों में संशोधन किया जाएगा। नियमों को लागू करने से पहले इस पर चर्चा की जाएगी। हम चुनाव प्रक्रिया में भी संशोधन करने का विचार कर रहे हैं इसलिए फेक न्यूज से जुड़ी खबरों पर लगाम कसने पर विचार करना जरूरी है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने गुरुवार को नोटिफिकेशन जारी किया था। इसमें बताया गया कि इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और डिजिटल मीडिया 2023 के नियमों में बदलाव होंगे। इसके तहत एक फैक्ट चेक यूनिट बनाई जाएगी, जो केंद्र सरकार से जुड़ी फर्जी, झूठी और भ्रामक खबरों की जांच करेगी। इससे ऑनलाइन फर्जी खबरें फैलाने वालों की दुकानें बंद होंगी। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव को लेकर सवाल पूछे जाने पर कानून मंत्री ने कहा कि मैं चुनाव के समय की घोषणा नहीं कर सकता। मैं कानून और चुनाव आयोग का प्रशासनिक मंत्री हूं इसलिए इसका जवाब यहां देना सही नहीं है। समय आने पर घोषणा कर दी जाएगी। पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती के पासपोर्ट को लेकर लगे आरोपों पर रिजिजू ने कहा कि पासपोर्ट गृह मंत्रालय जारी करता है। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के 350 से ज्यादा वकीलों ने कानून मंत्री किरेन रिजिजू के विवादित बयान की निंदा की है। रिजिजू ने रिटायर्ड जजों को लेकर एक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि कुछ रिटायर जज एंटी इंडिया ग्रुप का हिस्सा बन गए हैं। रिजिजू के इस बयान पर वकीलों के ग्रुप ने एक स्टेटमेंट जारी किया है। उन्होंने कहा कि एक मंत्री को धौंस जमाना और धमकाना शोभा नहीं देता। सरकार की आलोचना करना न तो राष्ट्र के खिलाफ होता है और न ही देशद्रोही गतिविधि है। बता दें कि फेक न्यूज़ ने खबरों के प्रति विश्वसनीयता पर आघात किया है।