दशहरा रैली या वर्चस्व की लड़ाई ?
ब्यूरो रिपोर्ट/in 24न्यूज/मुंबई
शिवसेना के इतिहास में पहली बार ऐसा कुछ होने जा रहा है जो इसके पहले कभी नहीं हुआ. दरअसल शिवसेना में जब से गुट हुआ है, तब से ही दोनों गुटों में शह और मात का खेल चल रहा है. शिवसेना की दशहरा रैली वैसे तो मुंबई के शिवाजी पार्क मैदान में आयोजित की जाती रही है, लेकिन इस बार पार्टी से बगावत करके महाराष्ट्र में नई सरकार की इबारत लिखने वाले एकनाथ शिंदे के विद्रोह ने शिवसेना को दो दशहरा रैली करने को मजबूर कर दिया है. एक रैली का आयोजन शिवाजी पार्क में उद्धव ठाकरे की तरफ से है तो वहीं बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में सूबे के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की तरफ दशहरा रैली का आयोजन किया गया है. ये दोनों ही रैली शिंदे गुट की शिवसेना और उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना की तरफ से आयोजित की गयी है इसलिए इसमें स्थिति तनावपूर्ण बन सकती है इसके लिए मुंबई की तरफ से सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए गए हैं. मुंबई पुलिस के हजारों जवानों को तैनात किया गया है. उद्धव ठाकरे गुट की रैली शिवाजी पार्क में होगी. वहां की सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए दो डीसीपी, तीन एसीपी. 17 पुलिस इंस्पेक्टर,60 सहायक पुलिस इंस्पेक्टर, 420 पुलिस कर्मचारी, 65 हवलदार, दो प्लाटून दंगा नियंत्रण पुलिस,पांच सुरक्षा बल पथक, क्यूआरटी की दो टीमें और पांच मोबाइल वाहन तैनात रहेंगे. वहीं बांद्रा कुर्ला कांप्लेक्स के एमएमआरडीए मैदान में होने वाली एकनाथ शिंदे गुट की दशहरा रैली के लिए चार डीसीपी, चार एसीपी, 66 पुलिस इंस्पेक्टर, 217 सहायक पुलिस इंस्पेक्टर, 1095 पुलिस कर्मचारी, 410 हवालदार, आठ प्लाटून दंगा नियंत्रण पुलिस, पांच सुरक्षा बल पथक, क्यूआरटी की पांच टीमें और 14 मोबाइल वाहन तैनात किए गए हैं.