Breaking News

प्रवासी मजदूरों के रेल का भाड़ा कांग्रेस देगी

04 May, 2020 804

संवाददाता/in24 न्यूज़.
लॉकडाउन से परेशान मजदूरों को अपने-अपने घर और गांव पैदल जाते देखा गया था. सरकार की मजबूरी थी कि वह ट्रेन नहीं चलवा सकती थी. मगर धीरे-धीरे लॉकडाउन के तहत सरकार ने आवश्यक छूट देने का फैसला किया। अब खबर है कि प्रवासी मजदूरों को ट्रेन से अपने घर जाने की सुविधा का लाभ मिल रहा है. अलग-अलग राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों के लिए सरकार ने ट्रेनें चलाने का फैसला किया है. इस बीच कुछ राज्यों ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह प्रवासियों के किराये का भुगतान करें. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने रविवार को केंद्र और रेलवे से मानवीय आधार पर खर्च उठाने की मांग की है क्योंकि श्रमिक पहले से ही आर्थिक तंगी झेल रहे हैं. इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने निर्णय लिया है कि प्रत्येक राज्य कांग्रेस कमेटी जरूरतमंद श्रमिक और प्रवासी मजदूरों की रेल यात्रा का खर्च उठाएगी और इस संबंध में आवश्यक कदम उठाएगी. एक रिपोर्ट के अनुसार रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वीके यादव का कहना है कि इन ट्रेनों को मुफ्त में इसलिए नहीं चलाया जा रहा है ताकि सिर्फ फंसे हुए लोगों को ले जाया जा सके. उन्होंने कहा कि अगर मुफ्त में ट्रेनें चलाएंगे तो अन्य लोग भी इसका लाभ लेने की कोशिश करेंगे. यादव ने कहा "एक बार जब आप सेवाओं को मुफ्त कर देते हैं, तो हर कोई यात्रा करेगा. यह सेवा केवल फंसे हुए प्रवासी कामगारों, छात्रों आदि के लिए है और उन्हें पूरी तरह से जांच के बाद ही यात्रा करने की अनुमति है. ये ट्रेनें आम जनता के लिए नहीं हैं. उन्होंने कहा कि हम सिर्फ मामूली किराया वसूल रहे हैं. अलग से राज्य के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने रविवार को यह स्पष्ट किया कि परिवहन सुविधा केवल ऐसे लोगों के लिए है, जो लॉकडाउन के  दौरान फंसे थे क्योंकि कई लोग मजदूरों से रेलवे द्वारा किराया वसूलने पर सवाल उठा रहे हैं. शनिवार को अपने दिशानिर्देशों में रेलवे ने कहा कि वह टिकटों को मूल राज्यों को सौंप देगा और राज्य टिकट का किराया एकत्र कर रेलवे को सौंपेंगे. झारखंड ने कोटा से छात्रों को वापस लाने के लिए एक ट्रेन के लिए कोटा प्रशासन को 5.4 लाख रुपये का भुगतान किया है. राज्य का कहना है कि 1,200 प्रवासी श्रमिकों के लिए भुगतान करना अभी बाकी है. ये मजदूर तेलंगाना से झारखंड के हटिया तक पहली स्पेशल ट्रेन में आये थे.

अन्य खबरे