बहन सारा भाई उम्र अब्दुल्ला के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंची
संवाददाता/in24 न्यूज़.
दुनिया की हर बहन अपने भाई की सलामती चाहती है. यही कारण है कि जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को जन सुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत हिरासत में रखे जाने के खिलाफ उनकी बहन सारा अब्दुल्ला पायलट ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उमर अब्दुल्ला की बहन ने जनसुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत अपने भाई की हिरासत को चुनौती देने के लिए सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने न्यायमूर्ति एन वी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ से मामले को सुनवाई के लिए तत्काल सूचीबद्ध करने का उल्लेख किया। सिब्बल ने पीठ को बताया कि उन्होंने पीएसए के तहत अब्दुल्ला की हिरासत को चुनौती देते हुए एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है और इस सप्ताह मामले की सुनवाई की जानी चाहिए। पीठ ने मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती की छह महीने की ''ऐहतियातन हिरासत'' पूरी होने से महज कुछ घंटे पहले गुरुवार को उनके खिलाफ जन सुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत मामला दर्ज किया गया। इससे पहले दिन में नेशनल कॉन्फ्रेंस के महासचिव तथा पूर्व मंत्री अली मोहम्मद सागर और पीडीपी के वरिष्ठ नेता सरताज मदनी पर भी पीएसए लगाया गया।