मुझे किसी अमित शाह के आशीर्वाद की ज़रूरत नहीं : उद्धव
संवाददाता/in24 न्यूज़.
महाराष्ट्र में शिवसेना और बीजेपी में आरोप-प्रत्यरोप का दौर शुरू होगया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्यपाल को इस्तीफ़ा सौंपने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कभी भी ढाई साल की सरकार चलाने की बात नहीं हुई. उसके बाद शिवसेनाप्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि मुझे किसी अमित शाह के आशीर्वाद की ज़रूरत नहीं है. गौरतलब है कि राष्ट्रपति शासन की ओर बढ़ चुके महाराष्ट्र के लिए शुक्रवार का दिन बेहद अहम रहा. एनडीए के सबसे पुराने सहयोगी शिवसेना ने बीजेपी को झटका दे दिया है. सीएम देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को इस्तीफा सौंप दिया है अब वह कार्वाहक सीएम हैं. उन्होंने इस्तीफा देने के बाद महाराष्ट्र के इस हालात के लिए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को जिम्मेदार ठहराया. सीएम देवेंद्र फडणवीस के आरोपों का जवाब देने के लिए उद्धव ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अपनी बात रखी. उद्धव ठाकरे ने कहा कि थोड़ी देर पहले सीएम की पत्रकार परिषद देखी और उनकी चिंता हुई हमें महाराष्ट्र के विकास काम को उन्होंने अकेले नहीं किया, उनके साथ हम भी थे. हमने कभी किसी विकास काम मे अड़चन नहीं डाली। इस बात का दुख हुआ कि पहली बार ठाकरे परिवार और किसी ने झूठा होने का आरोप लगाया है. हममें क्या तय हुआ था इसके गवाह सभी लोग हैं. मैंने शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे को वचन दिया था कि एकदिन मुख्यमंत्री पद पर एक शिवसैनिक होगा और उस वचन को पूरा करने के लिए मुझे किसी नरेंद्र मोदी या अमित शाह के आशीर्वाद की ज़रूरत नहीं है. देवेंद्र फडणवीस मेरे मित्र थे इसलिए पिछली बार हमने उनको सरकार बनाने में सहयोग किया था, लेकिन आज जो उन्होंने बयान दिया उससे धक्का लगा है. मैं बीजेपी को शत्रु पक्ष अभी भी नहीं मान रहा लेकिन उनको झूठ बोलना छोड़ना होगा। हमने मोदी जी पर टिका टिप्पणी कभी भी नहीं की. उद्धव ठाकरे ने कहा कि मोदी ने दो बार मुझे छोटा भाई कहा है. उद्धव ठाकरे की प्रेस कांफ्रेंस में दुष्यंत चौटाला की एक वीडियो क्लिप की एक क्लिप चलाई जा रही है, जिसमें चौटाला मोदी और बीजेपी को कई मोर्चों पर कोसते सुनाई पड़ रहे हैं. ऐसी आलोचना तो हमने कभी नहीं की है. गंगा साफ करते करते इनके मन प्रदूषित हो गए. गंगा की सफाई का काम तो रह ही गया. मेरे पास उनसे बात करने के लिए समय था, लेकिन मैंने उनसे बात नहीं की। क्योंकि हम झूठे लोगों से बात नहीं करते। इस सभी स्तिथियों की ज़िम्मेदार बीजेपी है. बीजेपी को सत्ता स्थापना का दावा करना चाहिए नही तो हर पार्टी के सामने हर विकल्प खुले हैं. महाराष्ट्र की जनता ने ठाकरे परिवार और शिवसेना पर जितना विश्वास किया है, उतना ही अविश्वास वो अमित शाह और उनकी पार्टी और करती है, ये बात बीजेपी को याद रखनी चाहिए। और अगर वो बोलते रहेंगे कि मैं झूठा हूँ तो मैं उनसे कोई रिश्ता नहीं रखूँगा। इससे पहले अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में फडणवीस ने उद्धव ठाकरे पर जमकर हमला बोला. फडणवीस ने कहा कि मेरे सामने कभी भी उद्धव ठाकरे ने ढाई-ढाई साल का प्रस्ताव नहीं रखा था. इस मामले को सुलझा सकते थे लेकिन उनका रुख डिस्कशन का नहीं था. पहले दिन से ही उन लोगों ने बयानबाजी शुरू कर दी थी. फडणवीस ने कहा कि वो उनसे मिलने भी गए थे और फोन भी किया था, लेकिन उन्होंने एक भी फोन रिसीव नहीं किया . रिजल्ट आने के बाद कांग्रेस और एनसीपी से लगातार चर्चा की लेकिन हमसे बात भी नहीं की. फडणवीस बोले- उद्धव ठाकरे के आसपास के लोग जिस तरह बात करते हैं उस तरह की बात से सरकार नहीं बनती . बातचीत से विवाद सुलझ सकता था. कुछ लोगों ने रिजल्ट आने के दिन से ही बयानबाजी शुरू कर दी थी. बालासाहेब ठाकरे हमारे लिए सम्मानित हैं इसीलिए हमने कभी कोई अपमानजनक बात नहीं की. महाराष्ट्र ने अपना मत भी महायुति को दिया था. बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनी. लेकिन चुनाव परिणामों के बाद शिवसेना ने निचले स्तर के आरोप लगाए. बड़े नेताओं के खिलाफ लांछन लगाए गए. पीएम मोदी और अमित शाह जैसे सम्मानित चेहरों के बारे में आपत्तिजनक बातें कहीं.