राफेल डील पर कांग्रेस और भाजपा में आरोप-प्रत्यारोप
सौम्य सिंह/in24 न्यूज़
राफेल सौदे पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि," कोंग्रेस को गुजरात विधान सभा चुनाव के दौरान ही क्यों ढाई साल पहला सौदा याद आया। कांग्रेस की आदत है जनता को गुमराह करने की और जो राजनितिक दल विकास विरोधी हो वो अब विकास का मज़ाक बना रही है ,इससे यह साफ़ पता चलता है कि कांग्रेस स्थिर नहीं और उनके कई रंग हमने इन दिनों चुनाव प्रचार में भी देखे "।
साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि, " कांग्रेस इस चुनाव को जितने के लिए समाज को बाटने की कोशिश कर रही है और उसने कुछ ऐसे ताकतों से हाथ मिला लिया जो सूबे में महज अराजकता फैला सकते है। गुजरात की जनता अराजकता को ना चुन विकास को चुनेगी क्योंकि यह राज्य एक विकास का आदि है अराजकता का नहीं "।
अरुण जेटली ने बताया कि ," कांग्रेस का नेतृत्व फिलहाल अपनी दिशा से भटक चुका है तभी शायद 17000 स्कूलों की कमी और सरकार द्वारा उद्योगपतियों का 1 लाख 35 हज़ार करोड़ क़र्ज़ माफ़ करने की बात कर रही है। कांग्रेस के पास इसका सबूत है तो वो जनता के समक्ष प्रस्तुत करे। कांग्रेस जैसी नेशनल पार्टी को ऐसे बेबुनियाद आरोप लगाना शोभा नहीं देता।
यह कांग्रेस ही है जिनकी वजह से राफेल डील कई वर्षो से अटका पड़ा था साथ ही वायु सेना बल को इसकी सख्त जरूरत थी तो हमारी सरकार ने इस डील पर फ़ौरन मुहर लगाई। डील के दौरान कांग्रेस ने तो कोई सवाल नहीं किया लेकिन अचानक गुजरात विधान सभा चुनाव में ऐसा सवाल उठाना जनता को गुमराह करने की कोशिश है।
बहरहाल एक तरफ जहां कांग्रेस पाटीदारों के साथ मिलकर भाजपा को परास्त करने की जद्दोजहद कर रही है तो दूसरी ओर भाजपा भी अपने आप को पाक साफ़ बता कर गुजरात की सत्ता पर कायम रहना चाहती है, ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि जनादेश किसकी पक्ष में जाता है।