बीएमसी समेत महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकों के चुनावों की तारीखों का हुआ ऐलान
सोमवार की शाम महाराष्ट्र की सियासत से जुड़ी वो खबर सामने जिसका इंतजार न सिर्फ सियासी दल कर रहे थे बल्कि आम लोगों को भी बड़ी बेसब्री से था। दरअसल लंबे इंतजार के बाद आखिरकार सोमवार की शाम महाराष्ट्र चुनाव आयोग आयुक्त दिनेश वाघमारे और राज्य चुनाव आयोग के सेक्रेटरी सुरेश काकानी ने देश की सबसे बड़ी महानगर पालिका यानी बीएमसी समेत महाराष्ट्र की 29 महानगर पालिकाओं के चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया।
इसके साथ ही मुंबई, ठाणे, पुणे नवी मुंबई कल्याण-डोंबिवली, मीरा-भाईंदर, वसई-विरार और नागपुर समेत तमाम 29 मनपा क्षेत्रों में अचार सहिंता लागू हो गई है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही स्टेट इलेक्शन कमीशन को 31 जनवरी, 2026 से पहले इलेक्शन कराने का ऑर्डर दिया है।
इसलिए, स्टेट इलेक्शन कमीशन ने अब दूसरे फेज के चुनाप की घोषणा की है। राज्य चुनाव आयेाग के कमिश्नर दिनेश वाघमारे ने बताया कि 29 नगर पालिकाओं के चुनावों के लिए नॉमिनेशन पेपर लेने का समय 23 दिसंबर से 30 दिसंबर, 2025 तक होगा। इन नॉमिनेशन पेपर की स्क्रूटनी यानी जांच पड़ताल 31 दिसंबर, 2025 को होगी।
वहीं नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 2 जनवरी, 2026 होगी। जबकि चुनाव चिन्ह और उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट 3 जनवरी, 2026 को जारी की जाएगी। बीएमसी समेत सभी 29 नगर पालिकाओं के लिए वोटिंग 15 जनवरी को होगी और वोटों की गिनती 16 जनवरी को होगी। यानी की महाराष्ट्र में मनपा चुनाव एक ही चरण में होंगे।
वहीं मतगणनणा के साथ ये साफ़ हो जाएगा कि किसके हाथ में सत्ता आई है। वैसे तो राज्य की 29 महानगर पालिकाओं के चुनाव होने लेकिन सभी सियासी दलों की निगाहें बीएमसी पर हैं। 74 हजार करोड़ रुपये की बजट वाली बीएमसी देश ही नहीं बल्कि एशिया की सबसे बड़ी महानगर पालिका है।
दरअसल बीएमसी चुनाव को महाराष्ट्र की राजनीति का सेमीफाइनल माना जाता है। देश के सबसे अमीर नगर निगम पर नियंत्रण को लेकर हमेशा से ही राजनीतिक दलों के बीच कड़ा मुकाबला रहता है। इस बार भी चुनाव को लेकर सियासी दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी है।
नामांकन की तारीखों के ऐलान के साथ ही संभावित उम्मीदवारों की जोड़-तोड़ और रणनीति बननी शुरू हो गई है। बीएमसी के अलावा जिन 29 नगर निगमों में चुनाव होंगे, उनमें राज्य के कई बड़े शहरी निकाय शामिल हैं। लिहाजा ये चुनाव सिर्फ स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर आने वाले विधानसभा और लोकसभा समीकरणों पर भी पड़ेगा।
इन सभी नगर निगम चुनावों के लिए 1 जुलाई 2025 की वोटर लिस्ट को आधार बनाया जाएगा। ये सूची केंद्रीय चुनाव आयोग से प्राप्त हुई है, इसलिए राज्य चुनाव आयोग को इसमें से किसी भी मतदाता का नाम हटाने का अधिकार नहीं होगा। राज्य में 27 नगर निगमों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। इसके साथ ही जालना और इचलकरंजी को नए नगर निगम के रूप में शामिल किया गया है, जहां पहली बार चुनाव होंगे।
चुनाव आयोग के मुताबिक वोटिंग ईवीएम के जरिए करवाई जाएगी। 29 नगरपालिकाओं में टोटल 2869 पार्षदों को चुनने मतदान होगा। मतदान के तारीख से 24 घंटे पहले चुनाव प्रचार थम जाएगा। वहां विपक्ष द्वारा डबल वोटरों के मुद्दे पर जारी हमले के बीच चुनाव आयोग ने बताया कि वोटर लिस्ट में जिनका नाम डबल है उनके नाम के सामने डबल स्टार होगा । उनसे लिखकर लिया जाएगा कि वे किस एक मतदान केंद्र पर वोट करेंगे । साथ ही शपथ पत्र भी लिया जाएगा।
सभी 29 मनपा के चुनाव के लिए कुल 39 हजार 147 मतदान केंद्र बनाएं जाएंगे। मनपा चुनाव में लड़ने वाले उम्मीदवारों के खर्च की लिमिट की जानकारी भी चुनाव आयोग ने दी है -- जिसके मुताबिक पुणे नागपुर और बीएमसी जैसी ए श्रेणी वाली महानगरपालिकाओं के उम्मीदवार 15 लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगे।
वहीं नासिक और ठाणे जैसी बी श्रेणी की मनपा के उमीदवार 13 लाख रुपए, कल्याण-डोंबिवली, नवी मुंबई, छत्रपति संभाजी नगर और वसई-विरार जैसी सी श्रेणी की मनपा के उम्मीदवार 11 लाख तक खर्च कर पाएंगे। वहीं वर्ग की 19 महानगरपालिकाओं के लिए ये सीमा 9 लाख रुपये निश्चित की गई है। यदि हम बात करें बीएमसी की तो यहां करीब 3 करोड़ 48 लाख मतदाता वोट डालेंगे। जिनके लिए 11 हजार 349 कंट्रोल यूनिट, 10 हजार 111 मतदान केंद्र और करीब 22 हजार बैलट यूनिट बनाए जाएंगे।