मुर्शिदाबाद में टीएमसी कार्यकर्ताओं और हुमायूं कबीर के बीच हिंसक झड़प
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान मुर्शिदाबाद में आम जनता उन्नयन पार्टी (एयूजेपी) के संस्थापक हुमायूं कबीर के आगमन पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए और पुलिस से झड़प की, जिससे हिंसा भड़क उठी। मतदान प्रक्रिया के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तनाव बढ़ने पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया। भीड़ में मौजूद कुछ लोगों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा, लेकिन पुलिस ने स्थिति के बेकाबू होने से इनकार किया।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए आज सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया है। इसी बीच, कुछ इलाकों से झड़पों की घटनाएं सामने आ रही हैं। मुर्शिदाबाद में टीएमसी कार्यकर्ताओं और आम जनता उन्नयन पार्टी (एयूजेपी) के संस्थापक हुमायूं कबीर के बीच झड़प की खबर है। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में हुमायूं कबीर और टीएमसी कार्यकर्ता आपस में बहस करते नजर आ रहे हैं। वहीं, सुरक्षाकर्मी हुमायूं कबीर और टीएमसी कार्यकर्ताओं को पीछे धकेलते हुए दिखाई दे रहे हैं।
एयूजेपी प्रमुख हुमायूं कबीर ने कहा कि उन्होंने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा, मैंने अपने सभी लोगों से शांत रहने का आग्रह किया है। मैं चाहता हूं कि मतदान और चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और सभी लोग इसमें भाग लें। मेरा इरादा किसी को जान से मारने, डराने या धमकाने का नहीं है।
अधिकारियों ने इस बात की भी पुष्टि की कि एक दिन पहले इसी इलाके में एक देसी बम विस्फोट की सूचना मिली थी, जिससे चुनाव के दौरान इलाके में तनावपूर्ण माहौल और बढ़ गया। मुर्शिदाबाद में कथित देसी बम हमले के एक पीड़ित ने बताया, मैं कल रात करीब 8 बजे नमाज पढ़ने निकला था, मैं खड़ा था। दो लड़के आए और मेरे पैरों पर बम फेंक दिया। हुमायूं कबीर की पार्टी के कार्यकर्ताओं ने यह किया।
पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस, जो लगातार चौथी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है, और भाजपा जो पिछले चुनावों में शानदार प्रदर्शन के बाद सरकार बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है, उनके बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार चौथी बार सत्ता में आने का प्रयास कर रही हैं, वहीं भाजपा, जिसने पिछले चुनावों में 77 सीटें जीती थीं, राज्य में सरकार बनाने के लिए नए सिरे से प्रयास कर रही है।
दोनों पार्टियां पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं। केंद्रीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के अनुसार, पहले चरण में 152 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं, जबकि दूसरे चरण में 142 सीटें शामिल हैं। इस चरण में कुल 1,478 उम्मीदवार मैदान में हैं। वोटों की गिनती 4 मई को होगी।