Breaking News

पाकिस्तानी वायुसेना ने तालिबान की मदद के लिए पंजशीर में बरसाए बम

06 Sep, 2021 836

संवाददाता/in24 न्यूज़।
पाकिस्तान ने फिर नापाक काम किया है। अफगानिस्तान के पंजशीर में रेजिस्टेंस फोर्स यानी नॉर्दर्न अलाएंस और तालिबान के भीषण जंग के बीच तालिबान की पूरे पंजशीर पर कब्जे की खबर आ रही है। हालांकि, नॉर्दन अलायंस ने इससे इनकार किया है। रविवार को लड़ाई में पंजशीर के कई शीर्ष कमांडर मारे गए हैं।  बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी वायुसेना की ओर से पंजशीर में ड्रोन हमले किए गए हैं। इस ड्रोन हमले में पंजशीर के प्रवक्ता फहीम दश्ती की मौत हो गई। फहीम अहमद मसूद के काफी करीबी थे। पाकिस्तान एयरफोर्स की ओर से छोड़े गए ड्रोन हमलों में मसूद परिवार से जुड़े कमांडर भी मारे गए हैं। इनमें गुल हैदर खान, मुनीब अमीरी और जनरल वूदाद शामिल हैं। दरअसल, तालिबान ने दावा किया है कि पूरे अफगानिस्तान पर उसका कब्जा हो चुका है। रविवार को एक रिपोर्ट में पूर्व समांगन सांसद जिया अरियनजाद के हवाले से कहा गया कि पाकिस्तानी ड्रोन ने स्मार्ट बमों का इस्तेमाल कर पंजशीर पर बमबारी की है। वहीं नेशनल रेसिस्टेंस फ्रंट ऑफ अफगानिस्तान के फेसबुक पेज ने भी एक बयान दिया, जिसमें कहा गया है, “गहरे स्पर्श और खेद के साथ, हमने आज दो प्यारे भाइयों और सहयोगियों और सेनानियों को खो दिया। अमीर साहब अहमद मसूद के कार्यालय के प्रमुख फहीम दश्ती, और फासीवादी समूह के खिलाफ लड़ाई में अफगानिस्तान के राष्ट्रीय नायक के भतीजे जनरल साहब अब्दुल वदूद ज़ोर। आपकी शहादत पर बधाई! इस बीच, पंजशीर घाटी में रेसिस्टेंस फोर्स ने युद्धविराम का आह्वान किया है क्योंकि रिपोर्ट सामने आई है कि उन्हें लड़ाई में भारी नुकसान हुआ है। नेशनल रेसिस्टेंस फ्रंट ने तालिबान को पंजशीर से हटने का प्रस्ताव दिया है, और बदले में वह सैन्य कार्रवाई से परहेज करेंगे। बताते चलें कि अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद से ही पूरे देश में अफरा तफरी का माहौल है। इस बीच अफगानिस्तान में अमेरिका के जाने का बाद सरकार बनने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। तालिबान पर दुनिया के देशों में मान्यता देने को लेकर मंथन भी चल रहा है। वहीं दूसरी तरफ आतंकवादी संगठन तालिबान और आतंक का पनाहगार पाकिस्तान के बीच गठजोड़ के सबूत देखने को मिलने शुरू हो गए हैं। बता दें कि तालिबान की मदद करने की अनेक खबरें पहले भी आती रही हैं।

अन्य खबरे