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अमेरिकी बयानबाजी पर शशि थरूर का करारा जवाब !

08 Sep, 2025 191

पिछले कुछ दिनों से अमेरिका और भारत के बीच व्यापार युद्ध, जिसे टैरिफ युद्ध भी कहा जाता है, छिड़ा हुआ है। इससे दोनों देशों के संबंधों में तनाव पैदा हो गया है। इस बीच, अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने भारत की आलोचना करते हुए कहा कि भारत अमेरिकी दबाव के आगे झुकेगा, माफ़ी मांगेगा और रूस के साथ व्यापार संबंधों पर एक समझौते पर हस्ताक्षर करेगा। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने लुटनिक के बयान पर प्रतिक्रिया दी है।

शशि थरूर ने कहा कि भारत ने ऐसा कुछ नहीं किया है जिसके लिए हमें माफ़ी मांगनी पड़े। उन्होंने यह भी स्पष्ट सवाल उठाया कि जब दुनिया भर के दूसरे देश मास्को के साथ अच्छा व्यापार कर रहे हैं, तो नई दिल्ली को क्यों निशाना बनाया जा रहा है। लुत्निक के दावों को खारिज करते हुए थरूर ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि हमने ऐसा कुछ किया है जिसके लिए हमें माफ़ी मांगने की ज़रूरत हो। भारत इन सभी मामलों में बहुत समझदारी से काम ले रहा है।"

शशि थरूर ने ज़ोर देकर कहा कि चीन, तुर्की और यूरोप भारत की तुलना में रूस के साथ ज़्यादा व्यापार करते हैं। थरूर ने कहा, "चीन भारत से ज़्यादा रूसी तेल और गैस खरीदता है। तुर्की भी ज़्यादा रूसी तेल और गैस खरीदता है। यूरोप तेल और गैस नहीं, बल्कि अन्य रूसी सामान खरीदता है, इसलिए वे भारत से ज़्यादा निवेश कर रहे हैं।" उन्होंने सवाल किया कि सिर्फ़ भारत को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है।

अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने कहा कि भारत डोनाल्ड ट्रंप के साथ समझौते पर पहहुंचने के लिए फिर से बातचीत करेगा। लुटनिक ने कहा एक-दो महीने में भारत बातचीत के लिए आएगा और माफ़ी मांगेगा। फिर ट्रंप भारत को माफ़ कर देंगे और समझौता करने की कोशिश करेंगे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि नई दिल्ली लंबे समय तक वाशिंगटन को चुनौती नहीं दे सकता। लुटनिक ने दंडात्मक कार्रवाई से बचने के लिए भारत के सामने तीन शर्तें भी रखी हैं। रूसी तेल खरीदना बंद करो, भारतीय बाज़ार खोलो और ब्रिक्स से दूर रहो, जैसी शर्तें रखी गई हैं।
 

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